किसानों को लाभ दिलाने के लिए बिचौलियों की भूमिका कम करने की सांसद दर्शन सिंह ने की मांग
नर्मदापुरम/नई दिल्ली। होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने लोकसभा में नियम 377 के अधीन किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को उठाते हुए सरकार से कृषि योजनाओं की सब्सिडी एवं सहायता राशि सीधे किसानों तक पहुंचाने की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की मांग की है।
सांसद श्री चौधरी ने अपने मामले में कहा कि किसानों के हित में सरकार द्वारा उर्वरक, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र, विद्युत, सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से कंपनियों के जरिए प्रतिवर्ष लगभग ₹10 लाख करोड़ की प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह किसानों के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनेक योजनाओं में सब्सिडी का लाभ कंपनियों अथवा मध्यस्थ संस्थाओं के माध्यम से किसानों तक पहुंचता है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कितनी कंपनियां सब्सिडी वितरण व्यवस्था से जुड़ी हैं तथा इस प्रक्रिया में प्रशासनिक एवं वितरण लागत कितनी है।
श्री चौधरी ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि क्या ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है, जिसमें जहां संभव हो वहां मध्यस्थ व्यवस्था को कम करते हुए सब्सिडी अथवा सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) जैसी पारदर्शी व्यवस्था को और मजबूत करने से किसानों को योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सकेगा, बिचौलियों की भूमिका कम होगी तथा सरकारी व्यय की दक्षता भी बढ़ेगी।सांसद ने कहा कि किसान सरकार की प्राथमिकता हैं और कृषि योजनाओं में खर्च होने वाली प्रत्येक राशि का अधिकतम लाभ सीधे किसान तक पहुंचना चाहिए।
