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किसान ने कहा जेई पर कार्रवाई नहीं हुई तो जहर खाकर कर लूंगा आत्महत्या, बिजली कंपनी ने जेई गोंडे का तबादला गृहनगर भोपाल किया

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बनखेड़ी।मलकजरा क्षेत्र में बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) द्वारा किसान के साथ की गई गाली-गलौज और अभद्रता का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा इस मामले में अपनाए गए ढुलमुल रवैये ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। आम जनता और किसान संगठनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पीड़ित किसान को न्याय दिलाने के बजाय दोषी अधिकारी को ‘पसंदीदा तबादले’ का तोहफा दे दिया गया है।

यह पूरा मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील हो गया है क्योंकि यह क्षेत्र स्थानीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी के गृह क्षेत्र है। ऐसे में सांसद के अपने ही इलाके में अन्नदाता के साथ हुए इस व्यवहार और उसके बाद प्रशासन की उदासीनता ने बिजली विभाग की मंशा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी दोषी जेई महेंद्र गोंडे पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।

कानूनी कार्रवाई शून्य

अभद्रता और गाली-गलौज का स्पष्ट मामला होने के बावजूद अब तक अधिकारी के खिलाफ न तो कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है और न ही विभाग द्वारा उन्हें निलंबित किया गया। पीड़ित किसान के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाले इस पूरे घटनाक्रम में विभाग या संबंधित अधिकारी की तरफ से एक लिखित या मौखिक माफीनामा तक नहीं लिया गया। हालांकि नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज प्रजापति, किसान नेता जितेन्द्र भार्गव सहित कांग्रेस के कार्यकर्ता और किसान नेताओं ने थाने पहुंचकर दोषी जेई पर एफआईआर की मांग की। तहसीलदार के समक्ष पीड़ित किसान ने जेई पर कठोर कार्रवाई की मांग कि है, साथ ही तहसील कार्यालय के पास किसान प्रदर्शन में भावुक होकर पीड़ित किसान ने रोते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मैं जहर खा लूंगा पर मैं बेईज्जती बर्दाश्त नहीं करूंगा।

इस दौरान राष्ट्रवादी किसान आर्मी के प्रतीक शर्मा ,रोहित ढ़िमोले , सहित किसान नेता मौजूद रहे।

अभद्रता का इनाम ‘मनचाहा ट्रांसफर’?

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब विभाग ने कार्रवाई की आड़ में जेई महेंद्र गोंडे का ट्रांसफर उनके गृह नगर भोपाल कर दिया। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और किसान नेताओं का कहना है कि यह ट्रांसफर कोई सजा नहीं, बल्कि एक तरह का ‘इनाम’ है।

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