कन्नड़ ध्वज को आधिकारिक दर्जा: बेलगावी सत्र में होगा फैसला
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फाइल फोटो: विधान सौधा, बेंगलुरु। चित्र साभार: Moheen Reeyad / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
सार: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार, 1 नवंबर को बेंगलुरु में 71वें कन्नड़ राज्योत्सव पर कहा कि पीले-लाल कन्नड़ ध्वज को आधिकारिक ‘नाडध्वज’ का दर्जा देने पर आगामी बेलगावी विधानमंडल सत्र में चर्चा कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्र में प्रस्ताव पारित कर उसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
कंठीरवा स्टेडियम में राज्योत्सव समारोह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बेंगलुरु के कंठीरवा स्टेडियम में ध्वजारोहण किया और राज्य के लोगों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह कर्नाटक का आधिकारिक नाडगीत है, उसी तरह कन्नड़ लोगों के स्वाभिमान को दर्शाने वाला आधिकारिक नाडध्वज भी होना चाहिए।
कन्नड़ ध्वज के आधिकारिक दर्जे पर क्या कहा
विधान सौधा परिसर में भुवनेश्वरी देवी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले भी केंद्र से ध्वज को मान्यता देने का अनुरोध किया था, लेकिन उनके अनुसार केंद्र से उचित जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस बारे में कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा हुई है और एक दौर की चर्चा और होगी।
शिवकुमार ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सर्वोपरि रहेगा। ध्वज कहां और कैसे फहराया जाए, इस पर जनता और विधायकों की राय ली जाएगी। उनके अनुसार निजी कंपनियों को भी एक महीने तक कन्नड़ ध्वज फहराने के लिए आदेश जारी करने की तैयारी है।
नौकरियों और शिक्षा से जुड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न विभागों में खाली 72,000 सरकारी पदों को भरने का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि ₹29,679 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिनसे करीब 66,000 नौकरियां पैदा होने का अनुमान है।
उन्होंने ग्रामीण सरकारी स्कूलों और PU कॉलेजों में पढ़े छात्रों के लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों की सरकारी सीटों में 7.5% विशेष आरक्षण का भी जिक्र किया। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने 15,000 शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी होने की बात भी कही।
‘भू गारंटी’ और 5 लाख प्लॉट
मुख्यमंत्री के अनुसार ‘भू गारंटी’ योजना के तहत इस वर्ष 9.50 लाख नए ई-खाता दिए जाएंगे और 3 लाख बी-खाता को ए-खाता में बदला जाएगा। गरीबों को 5 लाख आवासीय प्लॉट देने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। उन्होंने 100 नई एंबुलेंस शुरू करने की भी घोषणा की।
राज्य में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इन घोषणाओं पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



