दिल्ली प्रदूषण पाबंदियां आज से: दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम
1 min read
फाइल फोटो: दिल्ली का एक दृश्य। चित्र साभार: Jakub Hałun / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
सार: राजधानी में दिल्ली सरकार की सर्दियों की प्रदूषण पाबंदियां आज रविवार, 1 नवंबर 2026 से लागू हो गई हैं। इनके तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के वाहनों पर रोक, सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम और अधिकृत पार्किंग में दोगुना शुल्क जैसे नियम शामिल हैं। अलग-अलग पाबंदियां 28 फरवरी तक अलग-अलग अवधि के लिए लागू रहेंगी।
दिल्ली प्रदूषण पाबंदियां: क्या-क्या बंद
दिल्ली सरकार और एजेंसी PTI के अनुसार ये प्रमुख नियम लागू किए गए हैं:
- दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड BS-VI मानक से नीचे के वाहन 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में नहीं चल सकेंगे।
- धूल पैदा करने वाले तोड़फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण कार्य 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बंद रहेंगे।
- दिल्ली सरकार और निजी दफ्तरों में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा।
- अधिकृत पार्किंग स्थलों पर मौजूदा शुल्क 28 फरवरी तक दोगुना रहेगा।
- वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। इस नियम में कोई छूट नहीं है।
इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ पर पूरी रोक रहेगी, जिसमें कुछ तय छूट होंगी।
किसे मिलेगी छूट
CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एंबुलेंस, दमकल और पुलिस जैसे आपात व सरकारी ड्यूटी वाले वाहनों को वाहन प्रतिबंध से छूट दी गई है। जरूरी सार्वजनिक ढांचा परियोजनाओं और निर्माण स्थल के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग व बिजली के काम को निर्माण रोक से छूट है।
आवश्यक और आपात सेवाएं वर्क फ्रॉम होम नियम से बाहर हैं। सरकारी दफ्तरों में प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष नियमित रूप से दफ्तर आएंगे। दिल्ली मेट्रो (DMRC) की पार्किंग पर दोगुना शुल्क लागू नहीं होगा।
दफ्तरों का समय भी बदला
ट्रैफिक का दबाव घटाने के लिए 28 फरवरी तक दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक और दिल्ली नगर निगम (MCD) के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे।
नियम तोड़ने पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार सीमाओं और पेट्रोल पंपों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी होगी। नियम तोड़ने वाले वाहनों के ई-चालान कटेंगे और नियमों के अनुसार उन्हें जब्त भी किया जा सकता है।
परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और नगर निकाय इन नियमों को लागू करेंगे। अवैध निर्माण पर काम रोकने के नोटिस, पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना और सीलिंग जैसी कार्रवाई होगी।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



