कृषि वैज्ञानिकों ने फसल उत्पादकता, गुणवत्ता और स्थिरता में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण बातें बताईं – डॉ सीतासरन शर्मा
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नर्मदापुरम। शुक्रवार को प्लेटिनम रिसोर्ट इटारसी रोड रैसलपुर में कृषि समृध्दि- बैंक सहयोग विषय पर आधारित कृषक संगोष्ठी, मेगा ऋण वितरण समारोह आयोजित किया गया। आयोजन का मीडिया पार्टनर नवदुनिया रहा। इस अवसर पर किसानों को मौके पर ही खाद्य प्रसंस्करण, फसल ऋण, कृषि उपकरण ऋण, डेयरी, मत्स्य पालन, पोल्ट्री एवं फूड प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए त्वरित एवं सरल ऋण योजना के तहत 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृति एवं परामर्श की सुविधा दी गई। वहीं बेंकिग योजनाओं, सोलर ऊर्जा और महिला स्वसहायता समूहों से निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में सांसद दर्शन सिंह चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक डा. सीतासरन शर्मा, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना, महाप्रबंधक केंद्रीय कार्यालय मुंबई विवेक कुमार, इटारसी एसडीएम नीलेश शर्मा, नपाध्यक्ष पंकज चौरे, सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के किसान मौजूद रहें।
कार्यक्रम में कलेक्टर सोनिया मीना ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बेंको का अहम योगदान है। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया जिले का अग्रणी बैंक है। यह जिला प्रशासन और सभी बैंको के बीच समन्वय स्थापित कर सेतु का काम करता है। राज्य स्तरीय ऋण मूलक और स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंक सहयोगी है। सेंट्रल बैंक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति का भी प्रदेश स्तरीय समन्वयक है। उन्होंने कहा कि हमारा जिला कृषि आधारित जिला है, जिले की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ अन्नदाता हैं। इसलिए किसानों से आग्रह है कि पारंपरिक खेती के साथ आत्मनिर्भर बनने नवाचार को अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना में किसानों की रूचि से स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कुसुम योजना को लेकर जिले में बैंकों, कृषि और ऊर्जा विभाग के सहयोग से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए सौर पंप स्थापित करने, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र लगाने और मौजूदा ग्रिड से जुड़े पंपों को सौर ऊर्जा पर चलाने पर वित्तीय सहायता और सब्सिडी की जानकारी दी जा रही है।
क्षेत्रीय प्रमुख रजत मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि आवश्यकताओं जैसे फसल ऋण, कृषि उपकरण ऋण, डेयरी, मत्स्य पालन, पोल्ट्री एवं फूड प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए त्वरित एवं सरल ऋण सुविधा प्रदान करना है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक डा. सीतासरन शर्मा ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों ने फसल उत्पादकता, गुणवत्ता और स्थिरता में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण बातें बताईं। वैज्ञानिक कुपोषण जैसी चुनौतियों से निपटने, वैज्ञानिक पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीकों, जैसे कि सटीक खेती और ड्रोन के साथ एकीकृत करने के लिए भी काम कर रहे हैं, ताकि किसानों को बेहतर उपज और लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
महाप्रबंधक केंद्रीय कार्यालय मुंबई से विवेक कुमार ने कहांकि समृद्ध किसान, समृद्ध भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का एक सशक्त प्रयास सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने किया है। मेगा कार्यक्रम में किसानों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने करोड़ों के ऋण वितरित किए।

