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सुरीला नर्मदापुरम’ में गूंजे गुरु वंदना के स्वर, कथा व्यास और पुजारियों एवं गुरुजनों को मिला ‘संस्कृति गौरव सम्मान’

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नर्मदापुरम। शिक्षक दिवस के अवसर पर रविवार को नेहरू पार्क में आयोजित साप्ताहिक संगीत कार्यक्रम ‘सुरीला नर्मदापुरम’ का मंच गुरुजनों और भारतीय संस्कृति को समर्पित रहा। कार्यक्रम में कलाकारों ने शिक्षक दिवस एवं गुरुजनों के सम्मान में समर्पित गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। संगीत की सुरमयी प्रस्तुतियों के बीच उपस्थित लोगों ने गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर नर्मदापुर युवा मंडल के ‘सुरीला नर्मदापुरम’ परिवार द्वारा सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान देने वाले नगर के कथा व्यास एवं मंदिर पुजारियों को ‘संस्कृति गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित गुरुजनों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा सम्मान पत्र प्रदान कर पुष्प वर्षा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नर्मदापुर युवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश खंडेलवाल ने कहा कि गुरु का सम्मान केवल किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि संस्कार, ज्ञान और हमारी समृद्ध परंपराओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सनातन मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘संस्कृति बचेगी तो समाज बचेगा’, इसी विचार और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान हमारी परंपराओं, संस्कारों और गुरु-शिष्य की महान परंपरा से है। कथा व्यास और मंदिरों के पुजारी समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है। ऐसे व्यक्तित्वों का सम्मान नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों एवं शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गुरुजनों के सम्मान के साथ ‘सुरीला नर्मदापुरम’ का यह आयोजन भारतीय संस्कृति और गुरु परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश देने वाला रहा। कार्यक्रम का संचालन मनीष परदेशी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन दीपक केवट द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों ने ‘सुरीला नर्मदापुरम’ परिवार के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि संगीत के साथ संस्कृति और संस्कारों को जोड़ने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते है।

इन गुरुजनों को मिला ‘संस्कृति गौरव सम्मान’

कार्यक्रम के दौरान पंडित अजय दुबे, पंडित सुनील भार्गव, पंडित अभिलाष शर्मा, पंडित राजेंद्र पुरोहित, पंडित तरुण तिवारी, पंडित सत्यम दीवान, पंडित उमाशंकर पाठक, पंडित स्पर्श तिवारी, पंडित नीरजेश त्रिपाठी, पंडित कृष्णकुमार शुक्ला, पंडित रोहित भार्गव, गजेंद्र सिंह गुरदास, पंडित नर्मदा दास, पंडित संजय मिश्रा, पंडित संजय शर्मा, पंडित पराग शर्मा, सद्भव तिवारी, सोमनाथ शर्मा, पंडित शशांक तिवारी एवं दिनेश महाराज, अलखनिरंजन दास , राधे महाराज का सम्मान किया गया। साथ ही शिक्षकों का भी सम्मान इस दौरान किया गया।

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