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August 15, 2026

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जाति प्रमाण पत्र के अभाव में कोई भी प्रकरण दर्ज होने से वंचित न रहे – कमिश्‍नर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी

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जिला व्यूरो कमल राव चव्हाण:-

नर्मदापुरम । जाति प्रमाण पत्र के अभाव में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों के प्रकरण थानो में दर्ज होने से वंचित न रहे। थानों से जाति प्रमाण पत्र कोर्ट में प्राथमिकता से समय रहते प्रस्तुत किए जाएं। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को थानों से क्षतिपूर्ति राशि समय पर प्रदान कर दी जाए। उक्त निर्देश नर्मदापुरम संभाग कमिश्‍नर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी ने संभाग स्तरीय सतर्कता सलाहकार एवं निगरानी समिति की बैठक में दिए। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथिलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी श्री आशीष खरे, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गुरु करण सिंह, हरदा कलेक्टर श्री आदित्य सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौजान सिंह रावत, अपर कलेक्टर श्री डीके सिंह, उपायुक्त राजस्व श्री गणेश जायसवाल, संयुक्त आयुक्त विकास श्री जीसी दोहर, उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जेपी यादव, जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री राजकुमार नेमा, उपस्थित थे। बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ऑनलाइन उपस्थित रहे।

कमिश्‍नर श्री तिवारी ने बैठक में निर्देश दिए की जिला स्तरीय सतर्कता सलाहकार एवं निगरानी समिति की बैठक प्रत्येक त्रैमास में आयोजित की जाए, साथ ही खंड स्तरीय उप समितियां भी नियमित रूप से आयोजित की जाए। कमिश्‍नर श्री तिवारी ने निर्देश दिए की जिन जिलों में समिति का गठन नहीं हुआ है वहां सदस्य सचिव की नियुक्ति की जाए एवं सदस्य सचिव का दायित्व होगा कि वह नियमित रूप से बैठक आयोजित कराए। उपायुक्त जनजाति कार्य विभाग श्री जेपी यादव ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत नर्मदापुरम जिले में 51 प्रकरण दर्ज किए गए थे जिनमें 27 प्रकरणों में कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया गया है। 14 प्रकरण 7 दिन से ऊपर के हैं। बैतूल में 162 प्रकरण दर्ज है जिनमे 41 प्रकरण विवेचना में है। 17 प्रकरण में चालान होना शेष है। हरदा में 23 प्रकरण दर्ज हैं जिनमें दो प्रकरणों में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। कमिश्‍नर श्री तिवारी ने सबसे पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए। बताया गया कि हरदा जिले में 27 नवंबर 2024 का, नर्मदापुरम जिले में 11 मई 2024 एवं बैतूल में 29 सितंबर 2023 का प्रकरण सबसे पुराना है, जिनमें थानों से चालान पुट अप नहीं हुए है।

कमिश्‍नर श्री तिवारी ने निर्देश दिए की हरदा बैतूल एवं नर्मदा पुरम जिले में दर्ज प्रकरण की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबे ना रहे। निर्धारित समय सीमा में विवेचना पूर्ण की जाए। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में लंबित प्रकरणों में पुलिस एवं राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय से जाति प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करें, जिससे कार्रवाई कर प्रकरणों का निराकरण किया जा सके। कमिश्‍नर ने निर्देश दिए की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को राहत राशि के भुगतान में भी अनावश्यक विलंब ना किया जाए। समय सीमा में पीड़ितों को राहत राशि प्रदान कर दी जाए। यदि बजट के अभाव में राशि देना संभव नहीं है तो शासन से बजट की मांग भी की जाए।

कमिश्‍नर ने निर्देश दिए की गवाह एवं पीड़ितों को विवेचना के दौरान बुलाए जाने पर या उन्हें रोके जाने पर पुनर्वास सुविधा थाने से क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान उन्हें प्राथमिकता से किया जाए। आवंटन के अभाव में आवंटन की मांग शासन से की जाए। जनजाति कार्य विभाग के सभी सहायक आयुक्त यह सुनिश्चित करें कि गवाहों को दैनिक भत्ता व यात्रा भत्ता का भुगतान समय पर किया जा सके।

कमिश्‍नर ने सभी लोक अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों की पैरवी पूरी क्षमता से बेहतर तरीके से करें।

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