कासिमेडु मछुआरे: चक्रवात मुरासू में 4 शव बरामद, 5 लापता
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कासिमेडु तट, चेन्नई — प्रतिनिधि तस्वीर। (फोटो: Mymi Vignesh, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0)
सार: चक्रवात मुरासू के बीच चेन्नई कासिमेडु के नौ मछुआरों की मशीनी नाव 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के रामायपट्टनम बंदरगाह के पास इंजन खराब होने के बाद संकट में फँसी। तमिलनाडु सरकार और पीटीआई के अनुसार भारतीय कोस्ट गार्ड ने गुरुवार को प्रकाशम तट व समुद्र में चार शव बरामद किए हैं; पाँच मछुआरों की खोज शुक्रवार को तेज कर दी गई है।
क्या हुआ कासिमेडु मछुआरों के साथ
सरकारी बयान और एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार, नौ कासिमेडु मछुआरे 29 अक्टूबर 2026 को चेन्नई फिशिंग हार्बर से मशीनी नाव पर मछली पकड़ने निकले थे। मौसम चेतावनी के बाद वे आंध्र प्रदेश के निजामपट्टनम फिशिंग हार्बर में रुके। 2–3 नवंबर की रात–सुबह वे रामायपट्टनम की ओर बढ़े; समुद्र में इंजन फेल हो गया और वायरलेस से अन्य नावों को सूचना दी गई। इसके बाद संपर्क टूट गया।
पीटीआई और तमिलनाडु अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार 5 नवंबर को भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) ने प्रकाशम जिले के तट व समुद्र में चार शव बरामद किए। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पाँच शव बताए गए हैं; आधिकारिक–एजेंसी लाइन चार बरामद व पाँच की खोज जारी रखती है। खोज अभियान में कोस्ट गार्ड के साथ चेन्नई व आंध्र की नावें तथा एमआरसीसी चेन्नई का समन्वय शामिल बताया गया है।
सीएम विजय की राहत, मंत्री विल्सन आंध्र में
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (टीवीके) ने शोक जताया और प्रभावित परिवार को राज्य राहत के रूप में ₹7 लाख मंजूर किए; आकाशवाणी/सरकारी जानकारी के अनुसार ₹2 लाख तुरंत दिए जाने का निर्देश है। शव राजकीय खर्च पर आरआईएमएस अस्पताल ओंगोल से कासिमेडु पहुँचाने की व्यवस्था राज्य कर रहा है।
वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन मुख्यमंत्री के आदेश पर आंध्र प्रदेश में डेरा डाले हुए हैं और वहाँ के अधिकारियों से समन्वय कर रहे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित मशीनी नाव में अनिवार्य सुरक्षा उपकरण, उचित व्यावसायिक बीमा और जरूरी नियामक दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने आगे समुद्री सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने का आश्वासन दिया।
विपक्ष के आरोप: देरी और मुआवजा बढ़ाने की माँग
द्रमुक सांसद कनिमोझी ने टीवीके सरकार पर कथित लापरवाही और तत्काल बचाव न शुरू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और मत्स्य मंत्री पीड़ित परिवारों से क्यों नहीं मिले। उन्होंने मौजूदा ₹7 लाख राहत से अधिक मुआवजे की माँग की।
विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन ने भी मौसम सलाह के बावजूद नाव को गहरे समुद्र में जाने देने पर सवाल उठाया और मुआवजा बढ़ाने की माँग दोहराई। ये आरोप हैं; सरकार की ओर से बचाव–समन्वय तेज करने और राहत का आधिकारिक पक्ष ऊपर दर्ज है।
आगे क्या
कोस्ट गार्ड व राज्य तंत्र पाँच लापता मछुआरों की खोज जारी रखे हुए हैं। पहचान, पोस्टमॉर्टम और शवों की वापसी आंध्र–तमिलनाडु समन्वय से हो रही है। परिवारों ने तेज खोज की अपील की है।
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चित्र साभार: कासिमेडु तट, चेन्नई (प्रतिनिधि)। Mymi Vignesh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0



