भारतीय दंपति पर अमेरिकी प्रतिबंध, ईरानी जहाजों की मदद का आरोप
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चित्र: NEWS INDIA 24x7 थंबनेल (ChatGPT)
सार: अमेरिकी वित्त मंत्रालय (ट्रेजरी) ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 (अमेरिकी समय) को चंडीगढ़ में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद पर प्रतिबंध लगा दिए। ट्रेजरी का आरोप है कि इस दंपति के नेटवर्क ने ईरानी पेट्रोलियम ढोने वाले प्रतिबंधित जहाजों को फर्जी झंडे और फर्जी प्रमाणपत्र दिए। कार्रवाई में दो और भारतीय नागरिकों और भारत स्थित कई कंपनियों के नाम भी शामिल हैं।
भारतीय दंपति पर अमेरिकी प्रतिबंध क्यों लगे
ट्रेजरी की प्रेस रिलीज के अनुसार यह कार्रवाई “ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट” के तहत हुई। अमेरिका ने यह अभियान ईरान की आमदनी के स्रोत बंद करने के लिए अगस्त 2026 में शुरू किया था।
ट्रेजरी का आरोप है कि दंपति ने कई देशों के समुद्री नियामकों के नाम पर फर्जी फ्लैग रजिस्ट्री और जहाज वर्गीकरण संस्थाएं खड़ी कीं। इनमें गुयाना, एस्वातिनी, लाओस, अरूबा, माली, मोजाम्बिक, मलावी, सिंट मार्टेन और तिमोर-लेस्ते के नाम पर बनी वेबसाइटें शामिल बताई गई हैं। इन देशों ने इन्हें अधिकृत नहीं किया था।
किसी जहाज पर लगा झंडा बताता है कि वह किस देश के कानून के तहत चल रहा है। ट्रेजरी के मुताबिक फर्जी झंडे वाले जहाजों के पास वैध बीमा नहीं होता, जिससे हादसे की स्थिति में तटीय देशों को भारी नुकसान हो सकता है।
किन लोगों और कंपनियों के नाम
ट्रेजरी ने सुनील कुमार शर्मा पर ईरान के पेट्रोलियम क्षेत्र में काम करने और जसप्रीत प्रीति शाहिद पर उनकी मदद करने का आरोप लगाया है। भारतीय नागरिक अश्विनी कुमार धीमान और इश्विंदर सिंह को भी सूची में डाला गया है। ट्रेजरी के अनुसार ये दोनों दंपति की कंपनियों में नाममात्र के निदेशक हैं।
प्रतिबंधित संस्थाओं में सिंगापुर की एस्वातिनी मैरीटाइम अफेयर्स एंड इंटरनेशनल शिप रजिस्ट्री के अलावा भारत स्थित ये नाम शामिल हैं:
- ओशनिएक टेक्नोलॉजीज इंडिया और आर्यावर्त शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड।
- प्रिसेप्ट ट्रेंड्स, पॉलिनेशिया मैरीटाइम, एलेक्सआर्या फिनसर्व, एलेक्सआर्या मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और विहारबोटिंग प्राइवेट लिमिटेड।
- आर्यावर्त मैरीटाइम एंड एजुकेशनल ट्रस्ट।
ट्रेजरी के अनुसार दंपति की गतिविधियां 2014 से चल रही थीं, जब डोमिनिका की फ्लैग अथॉरिटी बनकर काम करने की कोशिश की गई। अमेरिका ने 22 अप्रैल 2026 को गुयाना के फर्जी झंडे वाला टैंकर MAJESTIC X जब्त किया था, जिस पर उस समय ईरानी तेल लदा था।
प्रतिबंध का असर
इन प्रतिबंधों के तहत अमेरिका में या अमेरिकी व्यक्तियों के नियंत्रण में मौजूद इनकी सारी संपत्ति फ्रीज हो जाएगी। अमेरिकी नागरिक और कंपनियां आम तौर पर इनसे लेन-देन नहीं कर सकेंगी। यह अमेरिका की आर्थिक प्रतिबंध कार्रवाई है, किसी अदालत का फैसला नहीं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, “हम जानते हैं कि आप कहां हैं। जो ईरानी शासन का साथ देना जारी रखेंगे, उन पर हम प्रतिबंध लगाएंगे, चाहे वह जमीन से हो, समुद्र से या हवा से।” (उद्धरण अंग्रेजी से अनूदित) इसी कार्रवाई में तुर्किये की एक ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी पर भी ईरानी एयरलाइनों को सेवा देने के आरोप में प्रतिबंध लगाया गया।
दूसरा पक्ष
इन आरोपों पर सुनील कुमार शर्मा, जसप्रीत प्रीति शाहिद या संबंधित कंपनियों की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। खबर लिखे जाने तक भारत सरकार की ओर से भी इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



