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भूटान में ग्लेशियल झील फटी: संकोश नदी में बाढ़ का खतरा, बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी में अलर्ट

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भूटान ग्लेशियल झील फटी संकोश नदी अलर्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर: पुनात्सांगछू नदी, भूटान | फोटो: Bernard Gagnon, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons

ताजा अपडेट (30 अक्टूबर, सुबह 10:30 बजे IST): खतरा टला। सनकोश नदी में फ्लैश फ्लड का दौर गुजर चुका है। अलीपुरद्वार जिला प्रशासन के मुताबिक भारतीय हिस्से में न किसी की जान गई और न ही कोई बड़ा ढांचागत नुकसान हुआ। कुमारग्राम ब्लॉक में स्कूलों, सामुदायिक भवनों और चाय बागान परिसरों में 18 राहत शिविर खोले गए थे, जहां करीब 4-5 हजार लोगों को ठहराया गया, जबकि 6 हजार से ज्यादा लोगों को ऊंचे सुरक्षित इलाकों में भेजा गया था। जलस्तर सामान्य होते ही अब लोगों की घर वापसी शुरू हो गई है। अलीपुरद्वार के एसपी अमित कुमार शाह ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि भूटानी अधिकारियों के साथ मिलकर नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। असम के धुबरी जिले में भी अब तक बाढ़ या नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

अपडेट (30 अक्टूबर, सुबह 8:30 बजे IST): रिपोर्ट्स के मुताबिक शिंताफू झील से करीब 74 लाख घन मीटर पानी अचानक बाहर निकला। भूटान में कम से कम दो बेली ब्रिज ढह गए हैं और पुनाखा के गुमा गेवोग में सोलर सिंचाई प्रोजेक्ट को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का पानी पुनात्सांगछू-II हाइड्रो प्रोजेक्ट के बांध तक पहुंचा, जहां सभी स्लुइस गेट खोल दिए गए। भूटान में अब तक किसी की मौत की खबर नहीं है। भारत की विशेष एडवाइजरी के अनुसार पानी 6 से 8 घंटे में भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है। पश्चिम बंगाल में एहतियातन करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। अलीपुरद्वार और असम के धुबरी में सनकोश नदी के जलस्तर की आधिकारिक रीडिंग का अभी इंतजार है।

नई दिल्ली/अलीपुरद्वार: भूटान के गासा जिले में शिंताफू ग्लेशियल झील के फटने (GLOF) की खबर के बाद भारत में पश्चिम बंगाल और असम के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने विशेष बाढ़ एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि संकोश नदी में जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ सकता है।

कहां फटी झील, कितना बड़ा खतरा?

शिंताफू झील भूटान के लाया गेओग (लुंगो इलाका) में वाकिला पर्वत के नीचे स्थित है और इसे भूटान की 17 संभावित खतरनाक ग्लेशियल झीलों में गिना जाता है। गुरुवार (29 अक्टूबर) शाम झील से पानी का तेज बहाव शुरू होने की सूचना मिली। भूटान के राष्ट्रीय जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान केंद्र (NCHM) ने भारतीय अधिकारियों को तुरंत इसकी जानकारी दी। अंधेरे के कारण झील से निकले पानी की कुल मात्रा का आकलन फिलहाल नहीं हो पाया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 8:15 बजे पानी ताकत्सेमाखांग तक पहुंचा, जहां लाया जाने वाली सड़क का एक हिस्सा बह गया। सड़क अगले आदेश तक बंद है और दूरदराज का लाया इलाका बाकी भूटान से कट गया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

बंगाल-असम के इन इलाकों में अलर्ट

भूटान में पुनात्सांगछू कहलाने वाली यह नदी भारत में प्रवेश के बाद संकोश के नाम से जानी जाती है। भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार बाढ़ का पानी 6 से 8 घंटे में भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है। इससे पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। दोनों जिलों के प्रशासन को कड़ी निगरानी और एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

  • अलीपुरद्वार के कुमारग्राम, चांगमारी, पाकरीगुड़ी, भोलका और कुमारग्राम चाय बागान इलाके में लोगों से सतर्क रहने की अपील।
  • जलपाईगुड़ी जिले के बनारहाट में भी प्रशासन ने लोगों को सावधान किया।
  • भूटान में नदी किनारे सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

मंत्री ने की सुरक्षित जगह जाने की अपील

पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम विधायक मनोज कुमार ओरांव ने वीडियो संदेश जारी कर संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा। उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देश मानने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

स्थिति लगातार बदल रही है। नई जानकारी आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।

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