मनीषा भनवाला ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो: U.S. Army, CC BY 2.0, Wikimedia Commons
सार: हरियाणा के रोहतक की 29 वर्षीय पहलवान मनीषा भनवाला ने कजाकिस्तान के अस्ताना में शुक्रवार को इतिहास रच दिया। वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। 59 किलो वर्ग के फाइनल में उन्होंने अमेरिका की अबीगेल एलिजाबेथ नेट को 8-6 से हराया।
0-6 से पिछड़कर पलटी बाजी
फाइनल की शुरुआत मनीषा के लिए अच्छी नहीं रही। पैन-अमेरिकन चैंपियन और विश्व रैंकिंग में 10वें नंबर की नेट ने पहले ही दौर में 6 अंकों की बढ़त बना ली थी। लेकिन मनीषा ने हार नहीं मानी और आखिरी तीन मिनट में लगातार अंक बटोरकर मुकाबला पलट दिया। 6-6 की बराबरी पर बड़े स्कोरिंग मूव के नियम से नेट आगे थीं और घड़ी खत्म होने का इंतजार कर रही थीं, तभी मनीषा ने एक और टेकडाउन लेकर 8-6 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।
सुशील कुमार के बाद दूसरी भारतीय वर्ल्ड चैंपियन
इस जीत के साथ मनीषा कुश्ती में विश्व खिताब जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय बन गई हैं। उनसे पहले यह कारनामा सुशील कुमार ने 2010 में मॉस्को में 66 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में किया था। महिला वर्ग में अब तक कोई भारतीय पहलवान वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड नहीं जीत पाई थी। 2021 में अंशु मलिक फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन सिल्वर से संतोष करना पड़ा था।
भारतीय महिला कुश्ती का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन
इस चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने कुल चार पदक जीते, जो अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। पहली बार तीन भारतीय महिलाएं फाइनल में पहुंचीं।
- गोल्ड: मनीषा भनवाला (59 किलो)
- सिल्वर: नीलम सिरोही (50 किलो)
- सिल्वर: काजल ढोचक (76 किलो)
- ब्रॉन्ज: तनु शर्मा (72 किलो)
इससे पहले भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2021 में रहा था, जब महिला वर्ग में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मिला था।
पिता का सपना किया पूरा
मनीषा ने रोहतक के छोटू राम स्टेडियम से कुश्ती की शुरुआत की थी। करीब चार साल पहले उन्होंने अपने पिता को खो दिया था, जो उनके कुश्ती सफर की सबसे बड़ी प्रेरणा थे। हाल ही में एशियन गेम्स में 57 किलो वर्ग में निराशा के बाद अस्ताना में यह गोल्ड उनके जज्बे और वापसी की कहानी बन गया है।



