सुधांशु त्रिवेदी का ‘दिमागी नक्सल’ बयान: भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया; राहुल ने ‘वोट चोरी’ का आरोप दोहराकर 1 नवंबर की रैली में आने की अपील की
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फाइल फोटो: सुधांशु त्रिवेदी। चित्र साभार: Nitesh Modi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
सार: भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान के साथ त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल सड़कों पर अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में ‘वोट चोरी’ के आरोप दोहराए और लोगों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली में पहुंचने की अपील की।
त्रिवेदी का आरोप: संसद की जगह सड़क की राजनीति
नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जमीन पर सक्रिय नक्सलियों का सफाया भले हो रहा हो, लेकिन दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ मौजूद हैं। उन्होंने राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया में जहां भी अराजकता की स्थिति बनी, वहां ऐसे चेहरे दिखाई देते हैं जो माहौल भड़काने का काम करते हैं।
त्रिवेदी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कभी आकाशवाणी भवन में घुसते दिखते हैं, कभी प्रधानमंत्री आवास के सामने सड़क पर लेट जाते हैं और कभी सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करते हैं। त्रिवेदी के मुताबिक ऐसे बयान दिए जा रहे हैं कि अब मुद्दे संसद में चर्चा से नहीं, बल्कि सड़क पर प्रतिरोध से तय होंगे। भाजपा सांसद ने विपक्ष की मंशा पर भी सवाल उठाए और त्योहारी मौसम में सड़क पर प्रदर्शन से आम लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया।
राहुल गांधी का जवाब: ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एकजुट विपक्ष
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास 10, राजाजी मार्ग पर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से लाखों लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और यह ‘वोट चोरी’ है। उन्होंने कहा कि यह अलग-अलग दलों का विरोध नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष का एक साझा आंदोलन है और जो भी विरोध दर्ज कराना चाहता है, उसका स्वागत है।
राहुल ने लोगों से 1 नवंबर को रामलीला मैदान पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि वहां देखिएगा कितने लोग आते हैं और कितनों को रोका जाता है, तब समझ आएगा कि देश में क्या चल रहा है। गौरतलब है कि त्योहारी खरीदारी के मौसम को देखते हुए दिल्ली के कारोबारियों ने विपक्ष से रैली टालने का आग्रह किया था, लेकिन इंडिया गठबंधन अपने कार्यक्रम पर कायम है।
बारिश के कारण टला ‘सार्वजनिक महाभियोग’
इंडिया गठबंधन ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम रखा था, जिसे दिल्ली में खराब मौसम के चलते शनिवार, 31 अक्टूबर तक टाल दिया गया। राहुल गांधी ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं की असुविधा को देखते हुए यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।
आगे क्या
अगले दो दिन राजधानी की राजनीति के लिहाज से अहम रहेंगे। शनिवार को सीईसी के खिलाफ विपक्ष का प्रतीकात्मक कार्यक्रम और रविवार को रामलीला मैदान की रैली के बीच भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।
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