अमित शाह का बड़ा ऐलान: यूपी में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनी तो लागू होगा UCC; अखिलेश से बोले- 30 साल तक सपा की सरकार नहीं बनेगी
1 min read
चित्र साभार: Ministry of Cooperation / Wikimedia Commons, GODL-India (फाइल फोटो)
सार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूंकते हुए कहा कि भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने पर राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कार्यकर्ताओं से सारी नाराजगी भुलाकर चुनाव में जुटने को कहा।
‘इस बार सरकार बनी तो UCC लागू होगा’
अमित शाह ने कहा कि इस बार जब सरकार बनेगी तो उत्तर प्रदेश में UCC लागू किया जाएगा, क्योंकि कई राज्यों में यह पहले ही लागू हो चुका है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की तुलना ‘अंगद के पैर’ से करते हुए कहा कि इसे कोई हिला नहीं सकता और भाजपा ही अगली सरकार बनाएगी।
अखिलेश और राहुल पर सीधा हमला
शाह ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए दावा किया कि अगले 30 साल तक समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बना पाएगी। उन्होंने कहा कि सपा आखिरी बार तब जीती थी जब मुलायम सिंह यादव थे। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि हारने के बाद विपक्ष अंपायर को दोष देता है।
वोट चोरी के आरोपों पर शाह ने कहा कि भाजपा संसद में हर आरोप पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा नहीं करेगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।
कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
- शाह ने कहा कि चुनाव नेता नहीं, कार्यकर्ता जिताते हैं।
- उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सारी नाराजगी और शिकायतें गोमती में बहाकर 2027 में तीसरी बार सरकार बनाने के काम में जुट जाएं।
- उनके मुताबिक, बीते 10 साल में योगी सरकार ने विकास और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर प्रदेश की तस्वीर बदली है।
बैठक में कौन-कौन मौजूद रहा
लखनऊ एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शाह का स्वागत किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, जितिन प्रसाद समेत कई मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए।
UCC क्या है और कहां लागू है
समान नागरिक संहिता का मतलब है शादी, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार जैसे निजी मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक जैसे कानून। संविधान का अनुच्छेद 44 राज्य के नीति निदेशक तत्वों में इसकी बात करता है। उत्तराखंड 2024 में UCC कानून पारित करने वाला पहला राज्य बना था, जबकि गुजरात, असम, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
सियासी मायने
हाल में हुए एमएलसी चुनावों में सपा के प्रदर्शन के बाद शाह का यह बयान साफ संकेत है कि भाजपा 2027 के चुनाव में UCC को बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। विपक्ष की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।
Related posts:

INDIA गठबंधन का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'पब्लिक इंपीचमेंट' बारिश के कारण टला, अब शनिवार को; राहुल...

अनंत सिंह की जमानत रद्द: दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 1 दिसंबर तक सरेंडर...

