NEWS INDIA 24×7

सच दिखता है

सांसद माया नारोलिया ने राज्यसभा में उठाया नर्मदापुरम की बेटियों के स्वास्थ्य का मुद्दा; एनीमिया उन्मूलन के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग

Screenshot

नई दिल्ली । नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम संभाग में किशोरियों के बीच एनीमिया और कुपोषण की स्थिति पर राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने शून्य काल के दौरान संसद में गहरी चिंता व्यक्त की है। सदन का ध्यानाकर्षण करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बेटियों का स्वास्थ्य और उनका भविष्य हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

श्रीमती नारोलिया ने NFHS-5 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि नर्मदापुरम संभाग में 55-60% किशोरियाँ एनीमिया से जूझ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ‘एनीमिया मुक्त भारत’ और ‘पोषण अभियान’ जैसी योजनाएं अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनके क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। सांसद ने सदन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड (WIFA) सप्लीमेंट और टेक-होम राशन (THR) जैसी सुविधाओं की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आने वाले व्यवधानों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा, “यदि आज हमारी किशोरियाँ स्वस्थ होंगी, तभी एक सशक्त समाज और सुरक्षित मातृत्व की नींव रखी जा सकेगी।”

श्रीमती नारोलिया ने अपने वक्तव्य में कहा कि पोषण ट्रैकर और अन्य डिजिटल पहलों का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी और आधारभूत चुनौतियों के कारण कई बार पात्र किशोरियाँ इन योजनाओं से वंचित रह जाती हैं। इस हेतु प्रमुख आग्रह एवं सुझाव सरकार के समक्ष रखें जिनमें प्रमुख रूप से-

• निगरानी तंत्र (Monitoring Mechanism) को जिला स्तर पर और मजबूत किया जाए।

• स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया जाए।

• पोषण अभियान के तहत आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाया जाए।

सांसद के इस ध्यानाकर्षण पर सदन ने विषय की गंभीरता को स्वीकार किया।

 

 

About The Author

Leave a Reply