SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली में दावे-आपत्तियों की तारीख 25 नवंबर तक बढ़ी, महाराष्ट्र-हरियाणा समेत 5 राज्यों को भी राहत
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चित्र साभार: File:A voter finger inked in Indian elections 2013.jpg | Ankur Banerjee from Guildford, United Kingdom | CC BY-SA 2.0 | https://commons.wikimedia.org/wiki/File:A_voter_finger_inked_in_Indian_elections_2013.jpg
सार: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय-सीमा दिल्ली समेत छह राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में बढ़ा दी है। दिल्ली में अब 25 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी और अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को प्रकाशित होगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की ओर से समय बढ़ाने पर विचार करने को कहे जाने के एक दिन बाद आया है।
दिल्ली में क्या बदला
चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख पहले 30 अक्टूबर थी, जिसे अब 25 नवंबर कर दिया गया है। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा पहले 30 नवंबर तक होना था, अब यह काम 15 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 दिसंबर की जगह अब 22 दिसंबर को होगा।
पांच राज्यों में फिर खुली खिड़की
आयोग ने उन पांच राज्यों में भी प्रक्रिया दोबारा खोल दी है, जहां पिछली समय-सारिणी के मुताबिक दावे-आपत्तियों की अवधि खत्म हो चुकी थी। संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को अलग-अलग पत्र भेजकर नई तारीखें तय की गई हैं:
- महाराष्ट्र: 13 नवंबर तक
- आंध्र प्रदेश और हरियाणा: 20 नवंबर तक
- नगालैंड: 25 नवंबर तक
- तेलंगाना: 26 नवंबर तक
- इन पांचों राज्यों में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित होगी
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद फैसला
दिल्ली में चल रहे SIR से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग से कहा था कि वह मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए और समय देने पर विचार करे। इसके अगले ही दिन, गुरुवार को आयोग ने नई समय-सारिणी जारी कर दी। हालांकि आयोग पहले भी कई राज्यों में SIR की समय-सीमा आगे बढ़ा चुका है।
दिल्ली में 47.56 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर
31 अगस्त को प्रकाशित दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 47.56 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं थे। इसके बाद 31 अगस्त से 28 अक्टूबर के बीच नाम जुड़वाने के लिए 2,75,856 फॉर्म-6 आवेदन आयोग को मिले। ऐसे में बढ़ी हुई समय-सीमा उन लोगों के लिए अहम है, जिनके नाम सूची से छूट गए हैं।
मतदाता कौन-सा फॉर्म भरें
- फॉर्म-6: सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए
- फॉर्म-7: किसी नाम को हटाने या आपत्ति दर्ज करने के लिए
- फॉर्म-8: नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए
सियासी घमासान के बीच राहत
SIR को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। INDIA गठबंधन ने आज (30 अक्टूबर) दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम रखा है और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की तैयारी है। ऐसे माहौल में आयोग का यह फैसला मतदाताओं के लिए राहत के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।
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