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सब हेड: सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के तत्वाधान में आयोजित किया गया कार्यक्रम, एमएसएई कैंप में उद्यमियों को 102 करोड़ के ऋण स्वीकृति पत्र बांटे

नर्मदापुरम। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की ओर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को बढ़ावा देने और उद्यमियों को आसान बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लेटिनम रिसोर्ट में एमएसएमई ऋण मेगा आउटरीच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 50 से अधिक हितग्राहियों को करीब 102 करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इटारसी एसडीएम नीलेश शर्मा ने कहा कि नर्मदापुरम कृषि प्रधान जिला है, लेकिन यहां उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और पात्र हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाना है। उद्यमियों को नर्मदांचल की जरूरतों के अनुरूप नए प्रोजेक्ट शुरू करने चाहिए और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए ऋण का सदुपयोग करना चाहिए।
केंद्रीय कार्यालय मुंबई के उपमहाप्रबंधक सचिन सुधाकर ने कहा कि देश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में पिछले 15 वर्षों में एमएसएमई और बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में एमएसएमई की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। ऐसे आयोजनों से उद्यमियों के लिए वित्तीय सहायता तक पहुंच आसान होती है।
क्षेत्रीय प्रमुख मुकेश चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक समूहों, विशेषकर होटल, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरल और त्वरित बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आशीष चटर्जी ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने में बैंकिंग सेक्टर का अहम योगदान है। कारोबार के विस्तार के लिए बैंक की ओर से विभिन्न प्रकार के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।

इन योजनाओं की दी जानकारी

शिविर में उद्यमियों को मुद्रा, बिजनेस लोन, शॉप लोन, सीए लोन, टेक्सटाइल सेक्टर लोन, जीएसटी आधारित ऋण, संजीवनी योजना और सेंट होटल योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें सेंट बिजनेस लोन, सेंट बिजनेस व्हीकल, सेंट संजीवनी, सेंट टेक्सटाइल, सेंट स्टैंड अप इंडिया, सेंट शॉप और सेंट होटल प्रमुख रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रकाश वासनिक ने किया। मुख्य प्रबंधक अजीत झा और दिग्विजय सिंह ने भी संबोधित किया। शाखा प्रबंधक आशीष कुमार ने आभार व्यक्त किया।

उद्यमियों ने साझा किया अनुभव

कार्यक्रम में उद्यमियों ने बैंक से अपने जुड़ाव का अनुभव साझा करते हुए कहा कि, “पहले हम खाताधारक थे, फिर ग्राहक बने और अब बिजनेस एसोसिएट्स बन गए हैं। बैंक ने हमें केवल वित्तीय सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि सम्मान भी दिया है।

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