गैरिज लाइन नर्मदापुरम की दुकानों पर बाल श्रम का मामला, टास्क फोर्स ने की कार्यवाही
नर्मदापुरम। गैरिज लाइन क्षेत्र में जिला टास्क फोर्स द्वारा बाल एवं कुमार श्रम अधिनियम के तहत की गई जांच के दौरान दो नाबालिग बालक ऑटोमोबाइल की दुकानों पर काम करते पाए गए। जांच में सामने आया कि दोनों बालक अपने चाचा और मामा की दुकानों पर मदद कर रहे थे।
बाल एवं कुमार श्रम अधिनियम, के अनुसार, कोई भी बालक अपने माता-पिता या सगे भाई-बहन के पारिवारिक उद्यम में गैर-खतरनाक कार्यों में मदद कर सकता है। लेकिन ऑटोमोबाइल जैसे खतरनाक नियोजन में बच्चों से काम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मौके पर पहुंची टीम ने दोनों नियोजकों और बालकों के परिजनों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है, इसलिए यहाँ बालकों से किसी भी तरह की मदद नहीं ली जा सकती। समझाइश के बाद दोनों पालकों ने सहमति दी कि भविष्य में वे अपने बच्चों से परिजनों के संस्थानों में काम नहीं कराएंगे। जनजागरूकता के लिए टीम ने दोनों दुकानों पर बाल श्रम निषेध अधिनियम से संबंधित पोस्टर भी चस्पा किए।
उक्त कार्यवाही में श्रम निरीक्षक सरिता साहू, सहायक श्रमायुक्त कार्यालय नर्मदापुरम, बाल कल्याण समिति सदस्य अनीता जाट, महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी आशु पटेल, शिक्षा विभाग से जनशिक्षक प्रमोद नागर, थाना कोतवाली से सहायक उप निरीक्षक रेवा राम गायकवाड, आरक्षक आशीष राजपूत तथा विदिशा सोशल वेल्फेयर ऑर्गनाइजेशन के जिला प्रभारी मानवेंद्र सिंह तोमर उपस्थित रहे।

