हेलमेट विशेष अभियान समाप्त, 2627 चालकों पर चालान, ₹7.91 लाख जुर्माना, लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही प्रारंभ ।
नर्मदापुरम। प्रदेशभर में सड़क दुर्घटनाओं एवं उनसे होने वाली मृत्यु की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 26 अप्रैल से 10 मई तक विशेष हेलमेट अभियान संचालित किया गया। आंकड़े बताते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में लगभग 54 प्रतिशत मौतें दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं से संबंधित होती हैं तथा इनमें लगभग 80 प्रतिशत मृतक हेलमेट नहीं पहने होते। इन्हीं चिंताजनक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नर्मदापुरम पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक एवं सख्त हेलमेट अभियान चलाया गया।
पुलिस अधीक्षक साईंकृष्ण एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में जिले के सभी 16 थाना क्षेत्रों एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से यह अभियान संचालित किया गया। अभियान की प्रतिदिन समीक्षा उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा द्वारा की गई तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार इसे और प्रभावी एवं परिणाममूलक बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान जिलेभर में 7000 से अधिक दोपहिया वाहनों की सघन जांच की गई, जिनमें 2627 वाहन चालक बिना हेलमेट के पाए गए। सभी के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹7.91 लाख का जुर्माना वसूला गया।
सिर्फ 15 दिनों की इस कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की इतनी बड़ी संख्या इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सड़क सुरक्षा के प्रति अभी भी व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। रविवार को यातायात पुलिस द्वारा मात्र डेढ़ घंटे की कार्रवाई में 86 बिना हेलमेट वाहन चालक पाए जाना इस अभियान की प्रासंगिकता को और अधिक सिद्ध करता है।
नर्मदापुरम पुलिस द्वारा केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं बल्कि व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया। जिलेभर में अब तक 231 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 11,000 नागरिकों को हेलमेट पहनने के महत्व, हेलमेट के सही उपयोग, चिन स्ट्रैप बांधने की आवश्यकता तथा गुणवत्तापूर्ण हेलमेट के चयन के संबंध में जागरूक किया गया।
साथ ही नागरिकों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं राहवीर योजना, अज्ञात वाहन दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना एवं कैशलेस उपचार योजना की जानकारी भी दी गई।
विशेष अभियान के अंतर्गत हेलमेट न पहनने वाले सभी 2627 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनमें से 970 चालकों के लाइसेंस निलंबन हेतु अनुशंसा की जा चुकी है, जबकि 1657 प्रकरणों में संबंधित परिवहन अधिकारी को प्रतिवेदन भेजा गया है।
नर्मदापुरम पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यक होने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असामयिक मृत्यु को रोका जा सके।
उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री संतोष मिश्रा ने बताया
“अभियान के दौरान केवल चालानी कार्रवाई करना ही उद्देश्य नहीं था, बल्कि नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक जागरूकता विकसित करना भी हमारी प्राथमिकता रही। जांच के दौरान चिन स्ट्रैप नहीं बांधने या फेस शील्ड का उपयोग नहीं करने वाले चालकों को भी हेलमेट सही तरीके से पहनने एवं गुणवत्तापूर्ण हेलमेट उपयोग करने के संबंध में समझाइश दी गई।
किसी भी अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। हमारा प्रयास रहा कि यह केवल शासकीय अभियान न होकर जन आंदोलन का रूप ले, जिसमें प्रत्येक नागरिक सड़क सुरक्षा का सहभागी बने।”
उन्होंने बताया कि विशेष हेलमेट अभियान 10 मई को समाप्त हो गया है, लेकिन बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई एवं लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
विशेष अभियान के दौरान हेलमेट कार्रवाई के साथ-साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाने की कार्रवाई भी की गई तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता हेतु संचालित योजनाओं एवं राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।

