जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे एवं कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर कृषि रथों को किया रवाना
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंशानुरूप वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में नर्मदापुरम जिले के समस्त विकासखंडों में किसानों को आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए ‘कृषि रथों’ का संचालन शुरू किया गया है। शनिवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर से कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने विकासखंड माखननगर और केसला के कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं, विकासखंड नर्मदापुरम के कृषि रथ का शुभारंभ जनपद पंचायत नर्मदापुरम अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे द्वारा किया गया।
यह कृषि रथ जिले के सभी विकासखंडों के ग्रामीण अंचलों में निरंतर भ्रमण करेंगे। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड का कृषि रथ प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानों के बीच जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगा।
कृषि रथ संचालन का मुख्य उद्देश्य किसानों को ई-विकास पोर्टल, उर्वरक उपलब्धता, संतुलित पोषण प्रबंधन, कीट प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रत्येक विकासखंड का कृषि रथ प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषकों को जागरूक करेगा।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा कृषि रथ संचालन हेतु दलों का गठन किया गया है, जिनमें कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दें तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम एक कृषि प्रधान जिला है तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के सभी विकासखंडों से कृषि रथ रवाना किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड, नरवाई प्रबंधन, ई-विकास पोर्टल, जैविक खेती एवं रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग जैसी उन्नत कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

