Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

NEWS INDIA 24×7

सच दिखता है

रिवर व्यू कॉलोनी में धार्मिक कार्यक्रमों के लिए प्रबंधन से परमिशन अनिवार्य,मंदिर खुलने का टाइम टेबल भी चस्पा

1 min read

नर्मदापुरम । सावन का महीना शुरू हो गया है। श्रद्धालु भगवान भोले की आराधना में लीन हैं और सुबह , दोपहर , शाम और रात को भगवान के मंदिरों में पूजा पाठ जारी है। लेकिन शहर की रिवर व्यू कॉलोनी में भोलेनाथ के मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक फरमान जारी कर दिया है जिससे उनकी आस्था को ठेस पहुंची है। यह विवादित मामला रिवर व्यू कॉलोनी के मंदिर का है। कॉलोनी प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वह समय पर मंदिर आए इसके लिए नोटिस लगा दिया गया है । वहीं मंदिर में कार्यक्रम करने के लिए प्रबंधन की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है जिससे श्रद्धालुओं का कहना है कि रिवर व्यू कॉलोनी के प्रबंधन ने सावन के महीने में शिव मंदिर में टाइम टेबल लगाया है। वहीं कार्यक्रम की अनुमति की बात कही है जो सही नहीं है। इन दिनों पूजन पाठ दिन भर चल रहे हैं। श्रद्धालु जब समय मिलते हैं पूजन पाठ में लीन रहते हैं लेकिन रिवर व्यू कॉलोनी के प्रबंधन ने इस प्रकार का फरमान जारी कर श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है। इस मामले में धर्माचार्य का कहना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए ।  शिव मंदिर में तो हर पहर पूजा पाठ की जा सकती है । इसमें अलग-अलग समय में पूजा करने पर अलग-अलग लाभ होते हैं। वही सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।  कॉलोनी के प्रबंधन ने इस प्रकार श्रद्धालुओं की आस्था से जो खिलवाड़ किया है वह सही नहीं है । लोगों का कहना है कि मंदिर खुला रहना चाहिए और उसमें पूजा पाठ होती रहना चाहिए।
रिवर ब्लू कॉलोनी में बने भगवान भोलेनाथ के मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए कॉलोनी के प्रबंधक से परमिशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इस मामले में धार्मिक लोगों ने विरोध किया है और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

रहवासियों ने आरोप लगाया गया है कि यह कदम धार्मिक आस्था का अपमान है और भगवान की पूजा अर्चना के अधिकार को सीमित करता है। मांग की गई है कि इस मामले में प्रबंधन पर प्रशासन को कठोर कार्रवाई करना चाहिए।  मंदिर के सामने से समय सारणी का पर्चा हटाया जाए। लोगों ने कहा कि इस मामले में स्थानीय प्रशासन और संत समाज से चर्चा की जाएगी और उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

समिति की मीटिंग में हुआ था चुनाव लेकिन कर्मचारी ने व्हाट्सएप पर बना दिया अध्यक्ष
सोसायटी कि मीटिंग में 21 लोगों की सहमति से अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष , कोषाध्यक्ष चुना गया था, पर एक दो कर्मचारी ने वाट्स एप पर चुनाव करके शुक्ला को अध्यक्ष बना दिया ।
प्रबंधन में कई फरमान जारी कर दिए जिसमें मंदिर पर महिलाओं को कोई भी धार्मिक कार्यक्रम के लिए कार्यलय से परमिशन लेनी होगी। वहीं दूसरा गेट नहीं खोला जाता। कर्मचारी  6 बजे शाम को गेट पर ताला लगा दिया जाता है।

About The Author

Leave a Reply