इजरायल को अमेरिकी मदद बंद करेंगे ट्रंप, सालाना 4 अरब डॉलर पर रोक
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फाइल फोटो: डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू (सितंबर 2025)। चित्र साभार: The White House / Wikimedia Commons, Public domain
सार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कहा कि अमेरिका इजरायल को हर साल दी जाने वाली करीब 4 अरब डॉलर की सहायता इस साल के अंत में बंद कर देगा। एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका इजरायल को हथियार बेचना जारी रखेगा। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय दिया, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान चल रहा था।
इजरायल को अमेरिकी मदद: ट्रंप ने क्या कहा
एक अमेरिकी टीवी कार्यक्रम को फोन पर दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने महीनों पहले यह समझौता किया था। उनके अनुसार यह राशि साल के अंत में बंद कर दी जाएगी।
ट्रंप ने दावा किया कि यह विचार नेतन्याहू का था और इजरायल अब एक सफल देश बन चुका है, इसलिए उसे इस राशि की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका इजरायल की मदद करेगा। (बयान अंग्रेजी में, अनुवाद)
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेतन्याहू के कार्यालय ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कौन-सी मदद, अब तक साफ नहीं
ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस मद की राशि की बात कर रहे हैं। वर्ष 2016 में हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अमेरिका इजरायल को हर साल 3.8 अरब डॉलर देता है। इसमें 3.3 अरब डॉलर सैन्य वित्तपोषण अनुदान और 50 करोड़ डॉलर संयुक्त मिसाइल रक्षा के लिए हैं।
यह समझौता 2028 में खत्म होना है। अमेरिकी कांग्रेस की शोध सेवा (CRS) के अनुसार इस सहायता की राशि कांग्रेस मंजूर करती है, इसलिए इसमें बदलाव के लिए कांग्रेस की भूमिका अहम होगी।
इजरायल में विपक्ष ने उठाए सवाल
इजरायल के पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइजनकोट ने कहा कि रणनीतिक रिश्ते में बदलाव की जानकारी रक्षा तंत्र को मीडिया से मिली, जो नेतन्याहू के कामकाज पर सवाल खड़ा करती है। डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलन ने इसे इजरायल की सुरक्षा के लिए बड़ा झटका बताया।
रिपोर्ट्स के अनुसार नेतन्याहू ने इस साल जनवरी में अगले दस वर्षों में अमेरिकी सैन्य सहायता धीरे-धीरे कम करने की इच्छा जताई थी।
तेल बाजार पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत करीब 3% गिरकर 101 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई थी। बाद में यह फिर 103 डॉलर के आसपास पहुंच गई।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



