अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: डेमोक्रेट्स ने सीनेट-प्रतिनिधि सभा जीती
1 min read
फाइल फोटो: यूएस कैपिटल, वॉशिंगटन डीसी। चित्र साभार: Martin Falbisoner / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0
सार: अमेरिका में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को हुए मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद (कांग्रेस) के दोनों सदनों, सीनेट और प्रतिनिधि सभा, पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुमानों के अनुसार डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी से कम से कम सात सीनेट सीटें छीन लीं। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: सीनेट में सात सीटें पलटीं
AP के अनुसार डेमोक्रेट्स ने कंसास, आयोवा, टेक्सास, ओहायो, मेन, नॉर्थ कैरोलाइना और साउथ कैरोलाइना में रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीनेट सीटें जीत लीं। पार्टी ने जॉर्जिया और मिशिगन जैसी कड़े मुकाबले वाली सीटें भी बरकरार रखीं।
अमेरिकी मीडिया अनुमानों के अनुसार टेक्सास में डेमोक्रेट जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराया। वे 1988 के बाद टेक्सास से सीनेट चुनाव जीतने वाले पहले डेमोक्रेट हैं। इसी रिपोर्ट के अनुसार कंसास ने भी करीब 94 साल बाद किसी डेमोक्रेट को सीनेट भेजा है।
प्रतिनिधि सभा में 1993 के बाद सबसे बड़ी बढ़त
एक प्रमुख अमेरिकी नेटवर्क के अनुमान के अनुसार डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा की कम से कम 258 सीटें जीतेंगे, जबकि बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए। अनुमान सही रहा तो यह 1993 के बाद पार्टी की सबसे बड़ी संख्या होगी। अंतिम संख्या में कुछ सीटों का अंतर संभव है।
AP के अनुसार डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा की दो दर्जन से अधिक सीटें रिपब्लिकन से छीन लीं। इनमें कुछ ऐसी सीटें भी हैं, जहां पिछले चुनाव में ट्रंप को दो अंकों की बढ़त मिली थी।
गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स आगे
अमेरिकी मीडिया अनुमानों के अनुसार डेमोक्रेट्स ने टेक्सास, जॉर्जिया, ओहायो और आयोवा समेत कई राज्यों में गवर्नर पद रिपब्लिकन से छीन लिया। ओहायो में भारतवंशी रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी डेमोक्रेट एमी एक्टन से हार गए।
ट्रंप के आखिरी दो साल पर असर
नई कांग्रेस जनवरी 2027 में कार्यभार संभालेगी। दोनों सदनों में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन के विधेयकों, बजट और नियुक्तियों पर अंकुश लगा सकेंगे।
एग्जिट पोल के अनुसार 62% मतदाताओं ने राष्ट्रपति ट्रंप के कामकाज को नापसंद किया। AP के अनुसार महंगाई और ईरान के साथ युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी इस चुनाव में अहम मुद्दा रही। नतीजों पर व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सकी।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



