प्रशांत भूषण पर FIR, लावरोव का फर्जी वीडियो साझा करने का आरोप
1 min read
फाइल फोटो: प्रशांत भूषण। चित्र साभार: Sidheeq / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
सार: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कथित तौर पर छेड़छाड़ किया गया वीडियो साझा करने के आरोप में FIR दर्ज की है। पुलिस ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को बताया कि मामला स्पेशल सेल थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धाराओं में दर्ज हुआ है।
प्रशांत भूषण FIR: किन धाराओं में मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार FIR संख्या 263/26 BNS की धारा 336(4), 353(1)(c), 356 और 340(2) तथा IT अधिनियम की धारा 66C के तहत दर्ज की गई है। ये धाराएं जालसाजी, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान, मानहानि, जाली इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली के रूप में इस्तेमाल करने और पहचान की चोरी से जुड़ी हैं।
यह मामला अभी FIR और जांच के स्तर पर है। किसी अदालत ने आरोपों पर कोई फैसला नहीं दिया है।
पुलिस ने क्या कहा
दिल्ली पुलिस ने X पर बताया कि 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान एक सोशल मीडिया हैंडल की पोस्ट सामने आई। उसमें दावा किया गया था कि भूषण के X अकाउंट से रूसी विदेश मंत्री का ‘भारत विरोधी’ कथित डॉक्टर्ड वीडियो साझा किया गया है।
पुलिस के अनुसार इस वीडियो के जरिए भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ सामग्री फैलाकर अफवाह और सार्वजनिक अशांति पैदा करने का आरोप है।
वीडियो में क्या दिखाया गया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वीडियो में लावरोव को यह कहते दिखाया गया था कि भारत रूस का सिर्फ व्यापारिक साझेदार है और रूसी तेल खरीदने से भारत को रूस की विदेश नीति पर सलाह देने का अधिकार नहीं मिल जाता।
रिपोर्ट्स के अनुसार भूषण ने 3 नवंबर को वीडियो साझा करते हुए इसे रूसी विदेश मंत्री का भारत को ‘करारा तमाचा’ बताया था और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से रूस को दी गई सलाह पर सवाल उठाया था। (पोस्ट अंग्रेजी में, अनुवाद)
विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास ने बताया फर्जी
विदेश मंत्रालय (MEA) की फैक्ट-चेक इकाई ने 3 नवंबर को X पर कहा कि पोस्ट में इस्तेमाल रूसी विदेश मंत्री का वीडियो फर्जी है। नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास ने भी इसे फर्जी बताया।
फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स के अनुसार असली फुटेज 30 अक्टूबर को अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद लावरोव की प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। उसमें वे रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों की संभावित मुलाकात से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे।
भूषण का पक्ष
रिपोर्ट्स के अनुसार भूषण ने संबंधित पोस्ट हटा दी है। FIR पर उनकी या उनके वकील की प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सकी।
पुलिस ने यह नहीं बताया है कि वीडियो साझा करने वाले अन्य हैंडल्स पर भी मामला दर्ज हुआ है या नहीं।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



