स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भीषण टक्कर: 68 की मौत, 3 दिन का राष्ट्रीय शोक; कंट्रोल रूम के ‘अबूझ’ आदेश पर उठे सवाल
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फोटो: Savh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0 (AVE S-112, Madrid Puerta de Atocha)
स्पेन में बुधवार (28 अक्टूबर) सुबह हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे यूरोप को झकझोर दिया है। राजधानी मैड्रिड से करीब 118 किलोमीटर दक्षिण में टोलेडो प्रांत के उर्दा इलाके में मैड्रिड-सेविला हाई-स्पीड लाइन पर सरकारी कंपनी रेन्फे (Renfe) की AVE ट्रेन ने पटरी पर खड़ी निजी कंपनी इरयो (Iryo) की ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।
कैसे हुआ हादसा: 17 मिनट की पूरी टाइमलाइन
- सुबह 8:30 बजे (स्थानीय समय): कंप्यूटर संचार में खराबी से 63 किमी लंबे हिस्से पर LZB सुरक्षा (सिग्नलिंग) सिस्टम बंद हो गया, करीब छह ट्रेनें अपने आप रुक गईं।
- सुबह 8:36 बजे: मैड्रिड के अटोचा स्थित कंट्रोल सेंटर ने रेड सिग्नल के बावजूद AVE ट्रेन को “सामान्य रफ्तार” से चलने की अनुमति दे दी। ड्राइवर ने आदेश की पुष्टि मांगी, जिसे दोहराया गया।
- सुबह 8:53 बजे: करीब 25 किमी चलने के बाद AVE ने खड़ी Iryo ट्रेन को टक्कर मार दी।
AVE में 397 और Iryo में 147 यात्री सवार थे।
‘अबूझ’ आदेश पर टिकी जांच
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने कंट्रोल सेंटर के फैसले को “अबूझ” (inexplicable) बताया और साफ कहा कि ट्रेन ड्राइवर दोषी नहीं हैं। नियमों के मुताबिक सिग्नल सिस्टम फेल होने पर ट्रेन को “मार्चा अ ला विस्ता” (देखकर चलना) प्रक्रिया में करीब 40 किमी/घंटा की धीमी रफ्तार से चलना चाहिए था, ताकि सामने बाधा दिखते ही रोका जा सके। मंत्री के अनुसार टक्कर से पहले AVE की रफ्तार 200 किमी/घंटा तक हो सकती है, हालांकि सटीक स्पीड का आकलन अभी जारी है।
रेल दुर्घटना जांच आयोग (CIAF) की टीम ने अटोचा कंट्रोल सेंटर से ड्राइवरों और कंट्रोलर के बीच की बातचीत के ऑडियो और डेटा जुटाए हैं। तकनीकी जांच कम से कम एक साल चल सकती है। अभी तक हादसे की अंतिम वजह या जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
एक साल में दूसरी बड़ी त्रासदी
यह स्पेन के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क पर एक साल से कम समय में दूसरी बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले जनवरी 2026 में कोर्डोबा के आदामुज में हुए हादसे में 46 लोगों की जान गई थी। लगातार हादसों के बाद सांचेज सरकार पर रेल सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ गया है।
भारत के लिए भी सबक
भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन और ‘कवच’ जैसी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों पर काम तेज है। स्पेन का हादसा दिखाता है कि तकनीक के साथ-साथ सिस्टम फेल होने की स्थिति में मानवीय फैसलों और आपात प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कितना जरूरी है।
स्रोत: Euronews, Reuters, Xinhua, El Español — 28-29 अक्टूबर 2026
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