जेडी वेंस बोले- ईरान युद्ध की वजह से चुनाव हारे रिपब्लिकन
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चित्र: NEWS INDIA 24x7 थंबनेल (ChatGPT)
सार: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 (अमेरिकी समय) को मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबी पोस्ट में वेंस ने लिखा, “हम युद्ध की वजह से हारे।” समाचार एजेंसियों AP और Reuters ने इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध के बचाव से सार्वजनिक दूरी बताया है।
जेडी वेंस ने ईरान युद्ध पर क्या लिखा
एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार वेंस ने लिखा, “अगर आप यह तर्क देना चाहते हैं कि यह इसके लायक था, कि अगले 6 साल के लिए सीनेट गंवाना इसके लायक था, तो ऐसा कीजिए।” उन्होंने आगे लिखा कि सब जानते हैं कि पार्टी क्यों हारी। (उद्धरण अंग्रेजी से अनूदित)
Reuters के अनुसार वेंस ने यह भी कहा कि युद्ध खत्म करने की पहले दी गई सलाह “सही सलाह” थी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वेंस ने एक पोलस्टर के हवाले से चार मुद्दे गिनाए। इनमें ईरान युद्ध खत्म करना, महंगाई, “अमेरिका फर्स्ट” और इजरायल के साथ अमेरिका के रिश्ते में बदलाव शामिल हैं।
ट्रंप का रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध को हार का एक कारण तो माना, लेकिन उसका बचाव भी किया। एक अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैंने सही किया। मैं इसे फिर करता।” बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान वाला कदम उठाना जरूरी था और यह जारी रहेगा।
Reuters के अनुसार व्हाइट हाउस ने इस पर अलग से टिप्पणी नहीं दी। उसने ट्रंप के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने युद्ध को चुनावी हार का बड़ा कारण माना था।
चुनाव नतीजे और आगे की राह
एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। सीनेट में डेमोक्रेट्स के पास कम से कम 54 सीटें हैं, जबकि प्रतिनिधि सभा में उन्होंने कम से कम 28 सीटें बढ़ाई हैं। ट्रंप को पहली बार डेमोक्रेट नियंत्रण वाली संसद (कांग्रेस) का सामना करना होगा।
Reuters ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने पर अब भी विचार चल रहा है। वेंस का बयान इस फैसले को और जटिल बना सकता है। वेंस को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव का संभावित दावेदार माना जाता है। उन्होंने कहा था कि 2028 में दावेदारी पर वे मध्यावधि चुनाव के बाद फैसला करेंगे।
भारत के लिए क्यों अहम
ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली शिपिंग और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ा है। यह रास्ता भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है, इसलिए अमेरिका की ईरान नीति में कोई भी बदलाव भारत के लिए मायने रखता है।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



