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District Judge Recruitment: वकालत में अनुभव हो तो बन सकते हैं जज, MP High Court ने निकाली भर्ती

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जिला न्यायाधीश के लिए एमपी हाईकोर्ट ने भर्ती का नोटीफिकेशन जारी किया है जिसके लिए 12 सितंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं।

 

District Judge Recruitment: वकालत में अनुभव हो तो बन सकते हैं जज, MP High Court ने निकाली भर्ती

जिला न्यायाधीश के 21 पदों पर सीधी भर्ती। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. जिला न्यायाधीश के 21 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी
  2. इंदौर और अधीनस्थ न्यायालयों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित
  3. जिला न्यायालय पिपल्याहाना तक मेट्रो की मांग
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इंदौर और अधीनस्थ न्यायालयों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर और उसके अधीनस्थ न्यायालयों के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। आदेशानुसार वर्ष 2023 में जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर और उसके अधीनस्थ न्यायालयों में 13 सितंबर 2023 को अहिल्या-उत्सव के अवसर पर आधे दिन का अवकाश रहेगा। अहिल्या-उत्सव के दिन न्यायालयों का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक रहेगा। 29 सितंबर 2023 को यानी अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन शुक्रवार को स्थानीय अवकाश अवकाश रहेगा। इसी तरह 25 अक्टूबर 2023 बुधवार को यानी दशहरे के दूसरे दिन भी जिला व सत्र न्यायालय इंदौर और उसके अधीनस्थ न्यायालयों में स्थानीय अवकाश रहेगा।

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जिला न्यायालय पिपल्याहाना तक मेट्रो की मांग

वकीलों ने मेट्रो परियोजना के एमडी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि मेट्रो का विस्तार जिला न्यायालय पिपल्याहाना तक किया जाए। लोक परिवहन विकास समिति के संजोजक अभिभाषक कमल गुप्ता, प्रमोद व्यास, कौशल बंसल, डॉ.विवेक पांडे ने बताया कि पिपल्याहाना में जिला न्यायालय के नए भवन का काम तेज से चल रहा है। जिला न्यायालय वर्तमान स्थान से पिपल्याहाना स्थानांतरित होना प्रस्तावित है। जिला न्यायालय के नए भवन में स्थानांतरित होने के पश्चात पिपल्याहाना क्षेत्र में लोगों की भारी आवाजाही शुरू हो जाएगी।

वर्तमान में भी पिपल्याहाना क्षेत्र में सघन बस्ती है। जिला न्यायालय स्थानांतरित होने के बाद आवाजाही कई गुना ज्यादा हो जाएगी। हजारों की संख्या में पक्षकारों और वकीलों का जिला न्यायालय में रोजाना आना-जाना रहेगा। ऐसे में अगर मेट्रो को पिपल्याहाना चौराहा तक चलाया जाए तो रोजाना हजारों लोगों को फायदा होगा। एडवोकेट प्रमोद व्यास ने बताया कि मेट्रो परियोजना के एमडी ने वकीलों की मांग पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।

 

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