138 वर्ष पुराना है पचमढी का राज भवन अंग्रेजो एवं पूर्ववर्ती सरकारों ने पचमढी को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था
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जिला व्यूरो कमल राव चव्हाण:-
नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सतपुड़ा की वादियों में बसा प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी अपने नैसर्गिक सौन्दर्य एवं प्राकृतिक झरनों के लिए तो जाना ही जाता है साथ ही पचमढी में स्थ्ति राजभवन अपनें आप में एक ऐतिहासिकता समेटे हुए है। अंग्रेजो नें पचमढी को अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था। बाद में पूर्ववर्ती सरकारों ने भी इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था। अंग्रेजी शासन काल में सन 1887 में राजभवन का निर्माण हुआ उस समय 91 हजार 334 रुपए की लागत से राजभवन का निर्माण किया गया था। राजभवन में स्थित बाल रूम का निर्माण कार्य 1910 में एवं काउंसिलिंग चैंबर दरबार हॉल 1912-13 में किया गया था। समय समय पर राजभवन को रेनोवेट भी किया जाता रहा है।
पचमढी में स्थित राजभवन इतना एैतिकहासिक है कि 80 के दशक में भी यहां कैबीनेट की बैठक आयोजित की गई थी। वर्तमान में 03 जून को मध्यप्रदेश शासन की कैबिनेट इसी एैतिहासिक राजभवन में आयोजित की जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में एवं अन्य मंत्रीगणों की उपस्थिती में कैबीनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। कैबिनेट बैठक के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। 03 जून को राजभवन केबिनेट बैठक का साक्षी बनेगा।
