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फास्ट ट्रैक कोर्ट योजना 2031 तक बढ़ी, 850 अदालतों को मंजूरी

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फाइल फोटो: जिला अदालत परिसर (प्रतीकात्मक)। चित्र साभार: Stalinjeet Brar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

सार: केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को रेप और POCSO एक्ट के मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) की केंद्र प्रायोजित योजना को पांच साल, यानी 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के अनुसार योजना पर कुल ₹3,788.04 करोड़ खर्च होंगे और अदालतों की संख्या 779 से बढ़ाकर 850 की जाएगी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट योजना: केंद्र और राज्यों का हिस्सा

PIB की विज्ञप्ति के अनुसार योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी। कुल ₹3,788.04 करोड़ में केंद्र का हिस्सा ₹2,353.15 करोड़ और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों का हिस्सा ₹1,434.89 करोड़ होगा। केंद्र का हिस्सा निर्भया फंड से दिया जाएगा।

हर अदालत में विशेष सरकारी वकील

सरकार के अनुसार हर FTSC में एक न्यायिक अधिकारी, एक विशेष लोक अभियोजक और छह सहायक कर्मचारी होंगे। हर अदालत के लिए अलग विशेष लोक अभियोजक की व्यवस्था नई जोड़ी गई है, ताकि सुनवाई तेज हो सके।

नई अदालतें उन जिलों में खोली जाएंगी, जहां रेप और POCSO मामलों की लंबितता ज्यादा है। योजना के तहत बच्चों के अनुकूल अदालत कक्ष और संवेदनशील गवाहों के बयान के लिए विशेष केंद्र (VWDC) बनाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

2019 से अब तक 4 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा

PIB के अनुसार यह योजना 2 अक्टूबर 2019 से चल रही है और 29 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश इसमें शामिल हैं। फिलहाल 779 FTSC काम कर रही हैं, जिनमें 399 विशेष POCSO अदालतें हैं। योजना शुरू होने से अब तक इन अदालतों ने 4,02,457 मामलों का निपटारा किया है।

योजना आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 और सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2019 के निर्देशों के तहत शुरू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने POCSO के 100 से ज्यादा लंबित मामलों वाले जिलों में विशेष अदालतें बनाने को कहा था।

निगरानी का जिम्मा न्याय विभाग पर

योजना को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय का न्याय विभाग राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू करेगा। विभाग FTSC डैशबोर्ड, नियमित प्रगति रिपोर्ट और हाईकोर्ट व राज्यों से परामर्श के जरिए अदालतों के कामकाज की निगरानी करेगा।

स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।

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