एआई के क्षेत्र में भारत की वैश्विक धमक: राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के रोडमैप पर दिया जोर”
नई दिल्ली । राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने संसद के उच्च सदन में भारत की बढ़ती डिजिटल शक्ति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में भविष्य की योजनाओं पर महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की सफलताओं का उल्लेख करते हुए इसे भारत के तकनीकी इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बताया।
सदन को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती नारोलिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा आज तकनीकी जगत में भी सच साबित हो रहा है। उन्होंने समिट के दौरान अपनाए गए ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन एआई इम्पैक्ट’ की चर्चा की, जिसे विश्व के अनेक देशों और संस्थानों ने अपना समर्थन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत की स्वदेशी एआई क्षमताओं, जैसे ‘भारत गेन’ (Bharat GAIN), ‘परम-2’ और ‘सर्वम एआई’ (Sarvam AI) द्वारा लॉन्च किए गए बहुभाषी मॉडलों की सराहना करते हुए इन्हें आत्मनिर्भर भारत की पहचान बताया।
सांसद नारोलिया ने विशेष रूप से राज्यों की एआई ईकोसिस्टम में भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य अब एआई-सक्षम शासन (AI-enabled Governance) और एआई हब विकसित करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वे डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty), गोपनीयता और कंप्यूटिंग संसाधनों की उपलब्धता पर एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्यान्वयन रोडमैप पेश करें।
सांसद ने सरकार से मांग की कि ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत कंप्यूट आवंटन के मानदंडों और राज्यवार संसाधनों की पहुंच पर स्पष्टता दी जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर एआई स्किलिंग और MSMEs को इस तकनीक से जोड़ने के लिए एक समग्र ईकोसिस्टम तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भारत एआई के वैश्विक मानचित्र पर अपनी सर्वोच्चता बनाए रख सके।
