विकसित भारत के संकल्प में ग्रामीण विकास का बजट ‘मील का पत्थर’: माया नारोलिया
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नई दिल्ली । मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने संसद में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों पर अपना ओजस्वी संबोधन दिया। उन्होंने बजट 2026-27 के प्रावधानों को गांव, गरीब और किसान के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
प्रमुख घोषणाएं एवं बजट आवंटन का जिक्र करते हुए श्रीमती नारोलिया ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए ₹1,97,023 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों से 46% अधिक है। उन्होंने प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए निम्नलिखित आंकड़े साझा किए:
मनरेगा का कायाकल्पः अब ग्रामीण परिवारों को 100 के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है। इसके लिए ₹95,692 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण): हर गरीब को छत देने के लक्ष्य के साथ इस वर्ष ₹54,917 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया गया है, जो 69% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्शाता है।
ग्रामीण सड़केंः बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹19,000 करोड़ का प्रावधान है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क संपर्क योजना के तहत 62,500 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण होगा।
सांसद माया नारोलिया ने सदन को गर्व के साथ अवगत कराया कि डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है:
“मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 36.87 लाख आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। हमारी सरकार ने महिलाओं को केवल ‘घूंघट’ से बाहर ही नहीं
निकाला, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर सड़कों के रखरखाव और अनाज खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी है।”
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि कौशल विकास प्रशिक्षण में 80% महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है।
श्रीमती नारोलिया ने अपने गृह जिले नर्मदापुरम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि होशंगाबाद का नाम बदलकर ‘नर्मदापुरम’ करना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने क्षेत्र में बन रहे मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी सरकार की सराहना की।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए ‘जय नर्मदा मैया’ के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।
