पेट्रोल निर्यात शुल्क खत्म, डीजल पर ₹3 प्रति लीटर बढ़ा
1 min read
सार: केंद्र सरकार ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को पेट्रोल निर्यात शुल्क खत्म कर दिया, यानी अब पेट्रोल के निर्यात पर यह शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही डीजल के निर्यात पर लेवी ₹3 प्रति लीटर और विमान ईंधन (ATF) के निर्यात पर 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दी गई। द हिंदू के अनुसार नई दरें अगले 15 दिनों के लिए लागू रहेंगी।
पेट्रोल निर्यात शुल्क: नई दरें एक नजर में
द हिंदू और मिंट की रिपोर्ट के अनुसार पखवाड़े की समीक्षा के बाद दरें इस प्रकार तय हुईं:
- पेट्रोल निर्यात: ₹2.50 प्रति लीटर से घटकर शून्य (मिंट के अनुसार)
- डीजल निर्यात: ₹8.5 से बढ़कर ₹11.5 प्रति लीटर
- ATF निर्यात: ₹10.5 से बढ़कर ₹11 प्रति लीटर
द हिंदू के अनुसार घरेलू खपत वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले मौजूदा उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हर 15 दिन में क्यों होती है समीक्षा
रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में संघर्ष की पृष्ठभूमि में सरकार 27 मार्च से हर पखवाड़े निर्यात लेवी की समीक्षा कर रही है। यह समीक्षा कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर होती है।
इसका मकसद निर्यात को कम आकर्षक बनाकर देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यानी जिस ईंधन का निर्यात ज्यादा फायदेमंद हो रहा हो, उस पर लेवी बढ़ाकर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाती है।
अक्टूबर में डीजल निर्यात ऊंचे स्तर पर
द हिंदू ने डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के हवाले से बताया कि अक्टूबर में भारत का डीजल निर्यात 7 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। यह सितंबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। रिपोर्ट के अनुसार यूरोप समेत दुनिया के कई हिस्सों में आपूर्ति की तंगी के बीच भारत ने डीजल निर्यात बढ़ाया है।
केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार नवंबर-दिसंबर में घरेलू मांग बढ़ने से डीजल निर्यात घटकर 5 से 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन रह सकता है।
आम उपभोक्ता पर क्या असर
यह फैसला केवल निर्यात पर लगने वाले शुल्क से जुड़ा है। घरेलू एक्साइज ड्यूटी नहीं बदली गई है, इसलिए इस फैसले में देश के भीतर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले केंद्रीय शुल्क में कोई बदलाव नहीं है। पेट्रोल पंप की खुदरा कीमतें तेल कंपनियां तय करती हैं।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।
फाइल फोटो: कोचीन पोर्ट के पास से गुजरता तेल टैंकर। चित्र साभार: Rangan Datta Wiki / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0



