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पीएम स्वनिधि की समीक्षा बैठक में शामिल हुई राज्यसभा सांसद माया नारोलिया

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नर्मदापुरम/ नई दिल्ली। 3 जून 2026: आवास एवं शहरी कार्य संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक नई दिल्ली के ईपीएचए (EPHA) स्थित समिति कक्ष संख्या 2 में आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए राज्यसभा सांसद माया नारोलिया दिल्ली पहुंचीं।

बैठक के दौरान मुख्य रूप से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (PM SVANidhi) की अब तक की प्रगति और इसके पुनर्गठित स्वरूप की गहन समीक्षा की गई। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किए गए अपडेटेड ब्रीफ नोट और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना के जमीनी प्रभावों का आकलन किया गया।

बैठक में अपनी बात रखते हुए सांसद माया नारोलिया ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना देश के छोटे और सीमांत पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए एक जीवनदायिनी और परिवर्तनकारी पहल साबित हुई है। इस योजना ने न केवल महामारी के कठिन दौर में वेंडर्स की आजीविका को पुनर्जीवित किया, बल्कि उन्हें बिना किसी जमानत (collateral-free) के ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 की प्रगतिशील ऋण किश्तें प्रदान कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया है।

बैठक के एजेंडे के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस योजना को पुनर्गठित करते हुए इसकी अवधि को 31 मार्च, 2030 तक बढ़ाने और इसके दायरे को वैधानिक शहरी निकायों से आगे बढ़ाकर अर्ध-शहरी क्षेत्रों तथा सेन्सस टाउन तक विस्तारित करने के निर्णय की सराहना की गई। इस विस्तार से देश के एक बहुत बड़े कामकाजी वर्ग को किफायती ऋण, डिजिटल समावेशन और सामाजिक सुरक्षा का सीधा लाभ मिल सकेगा।

सांसद ने योजना के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि ‘स्वनिधि से समृद्धि’ (SSS) घटक के माध्यम से लाभार्थियों के परिवारों को 8 प्रमुख केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पीएम जीवन ज्योति बीमा, जन धन योजना और पीएमएवाई-शहरी 2.0) से जोड़कर उनका सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, योजना में महिलाओं की 46% से अधिक की भागीदारी और वंचित समुदायों की 70% उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह योजना देश में लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।

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