पीडब्ल्यूडी के क्लर्क पवन सक्सेना को लोकायुक्त टीम ने 7 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा 12 हजार की ठेकेदार से की थी मांग,

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के मार्गदर्शन में हुई ट्रैप कार्रवाई
नर्मदापुरम । शहर के पीडब्ल्यूडी ऑफिस में गुरुवार दोपहर को आनंद नगर निवासी सीनियर क्लर्क पवन सक्सेना को लोकायुक्त की टीम ने 7 हजार की रिश्वत लेते रंगो हाथों पकड़ा। सीनियर क्लर्क 12 हजार की मांग कर रहे थे। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के मार्गदर्शन में हुई। टीम ने लेखा कक्ष में क्लर्क को रंगे हाथों राशि लेते हुए पकड़ लिया। इसके साथ ही अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई। इसकी शिकायत ठेकेदार द्वारा लोकायुक्त को दी गई थी। लोकायुक्त टीम ने क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी क्लर्क पवन सिंह सक्सेना ठेकेदार से 7 हजार रुपए की ले रहे थे। जानकारी के अनुसार ठेकेदार अवधेश कुमार पटेल से एक बिल पास कराने के एवज में क्लर्क ने कुल 12 हजार रुपए की मांग की थी। एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया कि उनके एफडी एवं एवं जमा राशि कुल 3,46,000 रुपये को वापस करने के बदले में 12 हजार रुपये की रिश्वत राशि की मांग पवन सक्सेना वरिष्ठ लेखा लिपिक, लोकनिर्माण विभाग, द्वारा जा रही हैं। आवेदक की उक्त शिकायत का सत्यापन करने पर सही पाए जाने पर ट्रैप कार्यवाही हेतु टीम का गठन किया गया। आरोपी पवन सक्सेना को लोकायुक्त दल ने कार्यालय लो.नि.वि., नर्मदापुरम में आवेदक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम में डॉ आर.के.सिंह, डीएसपी निरीक्षक घनश्याम मर्सकोले , प्रधान आरक्षक यशवंत सिंह ठाकुर, आरक्षक मनमोहन साहू, आरक्षक गौरव साहू, आरक्षक यशवंत पटेल
एवं चालक अमित विश्वकर्मा शामिल थे।
पवन सक्सेना की चल अचल संपत्ति जांच करने की मांग
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद पवन सक्सेना की चल और अचल संपत्ति की जांच करने की मांग की जा रही है। उन पर आरोप है कि उन्होंने क्लर्क की नौकरी के दौरान नर्मदापुरम, भोपाल और अन्य जगहों पर कई बेनामी संपत्तियां अर्जित की हैं। भ्रष्टाचार का गंभीर मामला, जांच की आवश्यकता
पवन सक्सेना पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो कि भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला हो सकता है। आरोप है कि पवन सक्सेना ने ठेकेदारों से रिश्वत लेकर गलत कमाई की है और इस पैसे से संपत्तियां अर्जित की हैं। पवन सक्सेना के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें संपत्ति की जांच और जब्ती शामिल हो सकती है ।