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नरवाई जलाने पर जुर्माना, अपनाएं आधुनिक तरीके

नर्मदापुरम। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में फसल अवशेष न जलाएं। नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषण होता है और भूमि की उर्वरा शक्ति घटती है। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट नष्ट होते हैं और भूमि सख्त हो जाती है।

जिसमें नरवाई जलाने के नुकसान वायु प्रदूषण बढ़ता है, पोषक तत्व नष्ट होते हैं, अग्नि दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि विभाग ने किसानों को नरवाई के बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी है जिसमें किसान हैप्पी सीडर/सुपर सीडर का उपयोग, मल्चर और रोटावेटर का उपयोग एवं वेस्ट डीकंपोजर का छिड़काव करें।

बताया गया कि यदि कोई किसान नरवाई जलाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी और जोत की श्रेणी के अनुसार 02 एकड़ से कम 2,500 रुपये, 02-05 एकड़ 5,000 रुपये एवं 05 एकड़ से अधिक 15,000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।

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