परपोषी पौधों के पीड़क एवं रोग प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

नर्मदापुरम । केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा संचालित अभियान “मेरा रेशम मेरा अभिमान” के अंतर्गत शासकीय रेशम केन्द्र महुआखेड़ा, तहसील बनखेड़ी, जिला नर्मदापुरम में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था – परपोषी पौधों का पीड़क एवं रोग प्रबंधन।
कार्यक्रम में जिले के रेशम उत्पादन से जुड़े अनेक कृषकों ने भाग लिया। इस अवसर पर वैज्ञानिक-बी श्री पी.वी. दिनेश कुमार, केन्द्रीय रेशम बोर्ड नर्मदापुरम, वरिष्ठ तकनीकी सहायक गमेर सिंह कितावत एवं अर्जुन सिंह कितावत, तथा राज्य रेशम विभाग से प्रक्षेत्र अधिकारी श्याम कुमार यादव उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक-बी श्री पी.वी. दिनेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उपस्थित कृषकों का स्वागत किया और “मेरा रेशम मेरा अभिमान” अभियान के उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने परपोषी पौधों के पीड़क एवं रोग प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया तथा कृषकों को रेशम खेती संबंधी पंपलेट वितरित किए।
श्याम कुमार यादव, प्रक्षेत्र अधिकारी, बनखेड़ी क्षेत्र ने कृषकों को राज्य रेशम विभाग द्वारा दी जा रही सहायता राशि और आगामी कार्ययोजना के बारे में विस्तार से बताया। गमेर सिंह कितावत, वरिष्ठ तकनीकी सहायक ने कृषकों को शहतूत बागानों के संधारण एवं उच्च गुणवत्तायुक्त रेशम कोया उत्पादन हेतु उन्नत तकनीकी सलाह दी, जिससे कृषकों की आय में वृद्धि हो सके। वहीं अर्जुन सिंह कितावत, वरिष्ठ तकनीकी सहायक ने कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर बल दिया और रेशम खेती को विस्तार देने के लिए नए कृषकों के चयन हेतु प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पोस्टर एवं चार्ट के माध्यम से भी कृषकों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई गई। अंत में गमेर सिंह कितावत ने केन्द्रीय रेशम बोर्ड की ओर से सभी कृषकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।