अब बंदूक के साथ विज्ञान बना युद्ध का प्रभावी हथियार – डॉ सीतासरन शर्मा

नर्मदापुरम। राफाल,एल- 70 एयर डिफेंस् सिस्टम, जू-23 मिमी गऩ शिल्का गन,एस -400 सुदर्शन वायु रक्षा प्रणाली के चलित मॉडल के साथ पाकिस्तानी ड्रोन को नष्ट करते हुये विद्यार्थी उत्साह के साथ भारतीय सेना के प्रति अपने आदर को व्यक्त कर रहे थे। भारत माता की जय के उदघोष के साथ पाकिस्तानी ड्रोन और 6 जेट विमानो को नष्ट करने को चलित मॉडल की मदद से दिखाया जा रहा था। यह सब ईश्वर रेस्टारेंट सभागर मे आयोजित ने जय जवान, जय विज्ञान प्रदर्शनी मे प्रयोगों के माध्यम से दिखाया जा रहा था।प्रदर्शनी का उदघाटन विधायक डॉ सीतासरन शर्मा के साथ नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने किया। इस अवसर पर डॉ सीतासरन शर्मा ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति ने युद्ध लड़ने के तरीके को बदल दिया है। जय जवान के बाद जय विज्ञान का नारा आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से युद्ध कौशल में आये बदलाव को बता रहा है। समय के महत्व को बताते हुये उन्होंने कहा कि समय तो सोना है।
विशिष्ट अतिथि इटारसी नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में रक्षा क्षेत्र में रिसर्च के माध्यम से अब सीमित हथियारों से भी बढ़त हासिल की जा सकती है। अतिथि के रूप मे उपस्थित राकेश जाधव,जयकिशोर चौधरी, राहुल चौरे, नीलेश जैन तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम के आयोजक राजेश पाराशर ने कहा कि वर्तमान में युद्ध में ड्रोन को एक महत्वपूर्ण हथियार बना दिया गया है, ड्रोन युद्ध ने साबित कर दिया है कि लड़ाई हवा में होने का समय आ गया है।
ऑपरेशन सिंदूर” के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पात्र बनी मनस्वी मिश्रा तथा अंशिका पांडे ने ऑपरेशन सिंदूर मे सेना के पराक्रम की जानकारी दी।
एम एस नरवरिया ने कहा कि प्रदर्शनी का आयोजन बच्चो मे सैन्य विज्ञान के महत्व को बताने किया गया ।कार्यक्रम संयोजक श्री के एम दुबे ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के समय इस प्रदर्शनी के आयोजन से देश भक्ति के भावना को और अधिक जाग्रत किया जा सकेगा।
प्रदर्शनी के दौरान कमल सिंह तोमर ने वीडियो कॉल के माध्यम से जयपुर स्थित रिटायर्ड कर्नल महेद्र सिंह से बच्चो का संवाद कराया। श्री अनिल सिंह तथा प्रिया सिंह ने रक्षा विज्ञान अनुसंधान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
प्रदर्शनी मे हरीश चौधरी, ने मिसाईल चलाने के प्रयोग का संचालन किया।