कार्बाइड गन पर MP में सख्ती: इंदौर में हेल्पलाइन, जिलों में रोक
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फाइल फोटो: राजवाड़ा, इंदौर। चित्र साभार: Bernard Gagnon / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0
सार: दीपावली से पहले मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने सभी जोन में पटाखा दुकानों की सघन जांच का विशेष अभियान शुरू किया है और क्राइम ब्रांच ने सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया। भोपाल, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जिलों में कलेक्टरों ने इन पर रोक के आदेश जारी किए हैं।
इंदौर में दुकानों की जांच, मोहल्ला बैठकें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंदौर पुलिस ने कार्बाइड गन और उससे जुड़ी विस्फोटक सामग्री से होने वाले हादसे रोकने के लिए यह अभियान शुरू किया है। पुलिस अधिकारी दुकानदारों को इसके खतरों के बारे में समझा रहे हैं और मोहल्ला बैठकों के जरिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
पुलिस ने कहा है कि कार्बाइड गन या संबंधित सामग्री की अवैध खरीद-बिक्री, भंडारण और उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। क्राइम ब्रांच ने इसकी सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049108283 जारी किया है। पुलिस के अनुसार सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
भोपाल में BNSS की धारा 163 के तहत आदेश
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्बाइड गन के निर्माण, बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर रोक लगाई। शहरी क्षेत्र में इन पर पिछले वर्ष से ही प्रतिबंध है। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी।
आदेश के अनुसार कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से गैस बनाकर धमाका करने वाले ऐसे उपकरणों से कान का पर्दा फटने, आंखों में चोट, आंखों की रोशनी जाने और गंभीर रूप से झुलसने का खतरा रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और उद्योग के लिए कैल्शियम कार्बाइड बेचा जा सकेगा, लेकिन विक्रेताओं को खरीदार का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह और छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने भी अपने-अपने जिलों में कार्बाइड गन पर रोक के आदेश जारी किए हैं।
पिछले वर्ष 300 से ज्यादा लोग हुए थे घायल
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कार्बाइड गन और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। पत्र के अनुसार पिछले वर्ष दीपावली पर प्रदेश में कार्बाइड गन से जुड़े हादसों में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिनमें अधिकांश बच्चे थे। इनमें से करीब 186 मामले अकेले भोपाल के थे।
भोपाल ग्रामीण पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ऐसे उपकरणों से दूर रखें।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



