Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

NEWS INDIA 24×7

सच दिखता है

शुभेंदु अधिकारी: 31 दिसंबर तक मतुआ आवेदकों को CAA प्रमाण पत्र

1 min read

फाइल फोटो: ठाकुरनगर स्थित मतुआ महासंघ परिसर। चित्र साभार: Anup Sadi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

सार: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत आवेदन करने वाले सभी लोगों की सुनवाई 31 दिसंबर तक पूरी कर उन्हें प्रमाण पत्र दे दिए जाएंगे। वह अंतरराष्ट्रीय मतुआ गोसाईं सम्मेलन 2026 में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री के अनुसार अभी करीब 2.5 लाख आवेदक हैं और प्रमाण पत्र मिलने के बाद उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

मतुआ विकास बोर्ड को ₹50 करोड़

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मतुआ विकास बोर्ड का पुनर्गठन होगा और अगले छह महीने में इस पर ₹50 करोड़ खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और दूसरी विकास योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को SC प्रमाण पत्र देने में कोई बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ठाकुरनगर नगरपालिका और बारुणी मेला

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि अगले बजट में ठाकुरनगर नगरपालिका बनाने के लिए धन का प्रावधान किया जाएगा। मतुआ समुदाय के प्रमुख आयोजन बारुणी मेले के लिए उन्होंने राज्य सरकार की ओर से विशेष सहायता का भरोसा दिया और कहा कि इसे धीरे-धीरे राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की कोशिश होगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने मतुआ तीर्थस्थल पर नया मंदिर बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इसका खर्च तीर्थस्थल के ट्रस्ट की राशि से होगा और भूमि पूजन में वह खुद तथा प्रधानमंत्री आएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना

PTI के अनुसार ठाकुरनगर में पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली मुख्यमंत्री ने मतुआ समाज को बांटा, उनके लिए कुछ नहीं किया और CAA का सीधा विरोध किया। सम्मेलन के मंच से उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेकर CAA के विरोध का आरोप दोहराया।

इन आरोपों पर ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

कौन हैं मतुआ

मतुआ समुदाय अनुसूचित जाति में आता है और इसकी जड़ें मौजूदा बांग्लादेश में हैं। यह 19वीं सदी के अंत में हरिचंद ठाकुर के नेतृत्व में शुरू हुआ सामाजिक सुधार आंदोलन है। उत्तर 24 परगना का ठाकुरनगर इस समुदाय का प्रमुख केंद्र है। CAA बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान करता है।

स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।

About The Author