मैत्री कार्यकर्ताओं ने प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग की
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के पशुपालन विभाग के प्रशिक्षित कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) संगठन ने ज्ञापन सौंपकर दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण में पांच रूपए की दर से काम करने से इनकार कर दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गंभीर सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दुगना करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। अभियान का प्रथम चरण दो से 9 अक्टूबर तक गांवों में चलाया गया, जिसमें मैत्री कार्यकर्ताओं के द्वारा पंचायत स्तर पर विभागीय गतिविधियों जैसे दुग्ध समृध्दि संपर्क अभियान, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण, पशुओं में टेगिंग, प्राथमिक उपचार में सेवाएं दीं। लेकिन प्रथम चरण में मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन स्वरूप पांच रूपए की राशि प्रत्येक परिवार आश्वासन दिया गया था, जो कि काम एवं समय के हिसाब से बेहद कम है। उन्होंने कहा कि संगठन ने मांग की है कि द्वितीय चरण में बढ़ाकर 25 से 30 रूपए की राशि मैत्री कार्यकर्ताओं को दी जाए, एवं परिवार की संख्या भी एक दिन में 10 की जाए। संगठन ने निर्णय लिया कि यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो अभियान में मैत्री कार्यकर्ता सेवाएं नहीं देंगे।
