हरदीप सिंह पुरी ने MP से राज्यसभा उपचुनाव का नामांकन भरा
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फाइल फोटो: हरदीप सिंह पुरी। चित्र साभार: Ministry of Housing and Urban Affairs / Wikimedia Commons, GODL-India
सार: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को भोपाल में मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे। उपचुनाव 12 नवंबर को होगा।
कड़ी सुरक्षा में पहुंचे विधानसभा
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार 74 वर्षीय पुरी सुबह 11 बजे के कुछ देर बाद विधानसभा भवन पहुंचे। NDTV के अनुसार नामांकन से पहले उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेका और करुणा धाम आश्रम जाकर संत सुदेश शांडिल्य महाराज का आशीर्वाद लिया। प्रदेश की मंत्री कृष्णा गौर उनके प्रस्तावकों में शामिल रहीं।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को पुरी के नाम की घोषणा की थी। यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई है। मुरुगन ने इसी महीने केंद्र सरकार और राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।
कांग्रेस नेता हिरासत में
NDTV के अनुसार पुरी की उम्मीदवारी के खिलाफ विरोध की आशंका को देखते हुए भोपाल पुलिस ने नामांकन से पहले कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमित खत्री को ऐशबाग थाने ले जाया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और जिला अध्यक्ष अंकित दुबे को हबीबगंज थाने में रखा गया। इसके विरोध में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के समन्वयक अभिनव बरोलिया ने कहा, “भाजपा असहमति की आवाज दबा रही है। हम पुरी के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।” (अनुवाद)
कांग्रेस के आरोप, पुरी का इनकार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को भाजपा के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दलित नेता (मुरुगन) से पुरी के लिए इस्तीफा दिलवाया गया। कांग्रेस का विरोध अमेरिका के सजायाफ्ता यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में पुरी के कथित उल्लेख को लेकर भी है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है, किसी पर निराधार आरोप लगाने के लिए नहीं। NDTV के अनुसार पुरी कांग्रेस के सभी आरोपों से पहले ही इनकार कर चुके हैं।
सीटों का गणित
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें हैं। इनमें से 7 भाजपा और 3 कांग्रेस के पास हैं, जबकि एक सीट खाली है। 230 सदस्यों वाली विधानसभा की प्रभावी संख्या इस उपचुनाव के लिए 229 है, क्योंकि अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान नहीं कर सकेंगे।
बीना विधायक निर्मला सप्रे पर भी नजर है। वह खुद को कांग्रेस के साथ बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में दिखती रही हैं। उनके खिलाफ दलबदल का मामला लंबित है।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।
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