Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

NEWS INDIA 24×7

सच दिखता है

राजेश खन्ना से रिश्ते को ‘शादी’ मानने की अनीता आडवाणी की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कहा- यह ‘लग्जरी लिटिगेशन’ है

1 min read

फोटो: Subhashish Panigrahi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 (Supreme Court of India)

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को पूर्व अभिनेत्री अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को विवाह के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कहा कि याचिका पर सुनवाई का कोई आधार नहीं है और टिप्पणी की, “यह लग्जरी लिटिगेशन है।”

‘मैं सम्मान मांग रही हूं’

अनीता आडवाणी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 1 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल सिर्फ सम्मान चाहती हैं और सिविल मुकदमे में मांगी गई घोषणा इसी गरिमा के भाव पर आधारित है। हालांकि, बेंच इस दलील से सहमत नहीं हुई।

क्या है पूरा मामला

  • राजेश खन्ना का जुलाई 2012 में निधन हुआ था। अनीता का दावा है कि वह कई साल उनके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहीं।
  • उनका आरोप है कि 2012 में डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार ने उन्हें बंगले ‘आशीर्वाद’ से निकाल दिया।
  • 2013 में उन्होंने घरेलू हिंसा कानून के तहत शिकायत कर हर महीने गुजारा भत्ता और बांद्रा में तीन बेडरूम का फ्लैट मांगा था।
  • 2015 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह शिकायत रद्द कर दी और कहा कि यह रिश्ता विवाह जैसा नहीं था।
  • 2017 में मुंबई की डिंडोशी सेशंस कोर्ट ने उनका सिविल मुकदमा खारिज किया, जिसके खिलाफ अपील हाई कोर्ट ने इस साल 1 अप्रैल को खारिज कर दी।

अब क्या

सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद निचली अदालतों के वे फैसले बरकरार रहेंगे, जिनमें कहा गया था कि अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना का रिश्ता विवाह जैसा नहीं था। अनीता ने ‘साजिश’ और ‘दासी’ जैसी कुछ फिल्मों में काम किया था।

स्रोत: पीटीआई, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडिया टुडे और द ट्रिब्यून की रिपोर्ट।

About The Author