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ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम, 119 करोड़ के ऋण स्वीकृत

नर्मदापुरम। अग्रणी बैंक सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के तत्वावधान में शनिवार को ग्राम मिसरौद में कृषि संगोष्ठी एवं राष्ट्रव्यापी मेगा कृषि ऋण आउटरीच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केंद्रीय कार्यालय मुुंबई की महाप्रबंधक प्रीति सारस्वत की मौजूदगी में 119 करोड़ से अधिक के ऋण के स्वीकृति पत्र किसानों और महिला समूहों को प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता गांव से होकर जाता है। क्षेत्र में कृषि, एमएसएमई के तहत किसानों को ऋण सहायता प्रदान होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। उन्होंने केसीसी व अन्य योजनाओं के ऋणों का सही उपयोग कर खाता सुचारू रखने की अपील की। कार्यक्रम का स्वागत भाषण और प्रस्तावना क्षेत्रीय प्रमुख मुकेश चौधरी ने रखी। उन्होंने किसानों को उनकी कृषि आवश्यकताओं जैसे फसल ऋण, कृषि उपकरण ऋण, डेयरी, मत्स्य पालन, पोल्ट्री एवं फूड प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए त्वरित एवं सरल ऋण सुविधा प्रदान करने को लेकर जानकारी दी। इस अवसर पर जिले के प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया। वहीं कृषि उपसंचालक डा. रविकांत सिंह ने कहा कि बैंक ऋण देश और प्रदेश के विकास का मुख्य आधार बनते हैं, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, कृषि और आवास जैसे क्षेत्रों को गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जिले की समितियों व डबल लाक गोदामों में खाद का पर्याप्त भंडारण है। ईटोकन से खाद वितरण, आत्मनिर्भर दलहन व कृषि यंत्रों पर अनुदान की जानकारी किसानों को दी। इस अवसर पर नाबार्ड एजीएम दीपक पाटिल ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये पहल किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें सीधे मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोडक़र आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगी। वहीं कार्यक्रम का आभार एलडीएम चंद्रमोहन कुमार ने व्यक्त किया।

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