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नर्मदा हमारी जान है, प्राचीन ग्रंथों में मोटा अनाज और तांबे के सिक्के डालने का जिक्र है, पूजन सामग्री , फूल ना डालें- शिक्षाविद डा. अमिता जोशी

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जिला व्यूरो कमल राव चव्हाण:-
नर्मदापुरम। नर्मदा हमारी जान है । हमारे प्राचीन ग्रंथों में जिक्र आता है कि हम मां नर्मदा में मोटे अनाज और तांबे के सिक्के डालते थे जिससे पानी शुद्ध होता था, लेकिन अब फूल, पत्ती, पूजन सामग्री, पॉलिथीन, कपड़े सहित अन्य सामान लोग डाल जाते हैं । मां नर्मदा के किनारे नगर पालिका को एक कंटेनर या कुंड बनाना चाहिए जिसमें फूल डाले जाएं जिससे खाद बनाई जाए और अगरबत्ती बनाई जाए। हम नर्मदा को मां मानते हैं और दूसरी ओर हम इसमें कचरा डालते हैं , गंदगी करते हैं ऐसा हमें नहीं करना चाहिए । मां को साफ सुथरा रखना चाहिए । यह बात रविवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के साफ सफाई अभियान में चित्रगुप्त घाट पर शामिल हुईं नर्मदा महाविद्यालय की शिक्षाविद और केंद्रीय बोर्ड की सदस्य डा. अमिता जोशी ने कहीं । उन्होंने कहा कि मैं कायस्थ महासभा को साधुवाद देती हूं जो यह कार्य कर रहे हैं। सभी समाज के लोगों को शहर वासियों को इस कार्य में आगे आना चाहिए और साफ सफाई करना चाहिए । हमें और लोगों को इस प्रकार गंदगी नहीं करना चाहिए। नर्मदा सबकी है इसे साफ रखें । यह जीवनदायनी है और समाज जो कार्य कर रहा है बड़ा सराहनीय कार्य है। इसमें शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज का प्रयास और जो योगदान दे रहे हैं उससे सभी को जुड़ना चाहिए । इस मौके पर श्रीमती ज्योति अभय वर्मा, श्रीमती सुमन वर्मा श्रीमती,प्रीति खरे श्रीमती ऊषा वर्मा,श्रीमती शीतल श्रीवास्तव श्रीमती सारिका सक्सेना ,श्रीमती नीतू श्रीवास्तव , अशोक वर्मा, सी बी खरे, प्रदीप श्रीवास्तव, केशव देव वर्मा, लालता प्रसाद शामिल हुए।

जब लोग नर्मदा आए तो कहें की बहुत सुंदर है- डॉ जोशी
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने यह जो सफाई का बीड़ा उठाया है यह बड़ा सराहनीय कार्य है । इस समाज के लोग बिजनेसमैन है, अधिकारी हैं और समाज के अन्य क्षेत्र से जुड़े हैं लेकिन उसके बाद भी हर रविवार को मां नर्मदा की साफ-सफाई में अपना योगदान देते हैं। यह बड़ा सराहनीय कार्य है । मैं इनको साधुवाद देता हूं। यह बात सेवा नरपत प्रोफेसर डॉ बीसी जोशी ने कहीं । उन्होंने कहा इससे सभी समाज के लोग जुड़ें और मां नर्मदा को स्वच्छ और सरल बनाएं ताकि निश्चित ही इसका आचमन हम कर सके। जब कोई बाहर से स्नान के लिए आए तो कहें कि नर्मदा का पानी तो शुद्ध और आचमन लायक है। हम गंदगी न करें और हर रविवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के इस कार्य में शामिल होकर योगदान दें।

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