भारतीय गौ सेवा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं घुसपैठ विरोधी का संघर्ष वर्षों से जारी है
रायबरेली। भारतीय गौ सेवा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं घुसपैठ विरोधी याचिकाकर्ता श्री देवेंद्र तिवारी जी का यह संघर्ष वर्षों से जारी है। यह पूरी कार्रवाई उनके विद्वान अधिवक्ता कार्तिकेय सिंह जी के सहयोग से उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर आधारित है, जिस पर न्यायालय की सख़्ती के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने रोहिंग्या/बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिह्नित कर डिटेंशन सेंटर में डालने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद लखनऊ में कई स्थानों पर कार्रवाई हुई, जहाँ से संदिग्ध बिना ID दिखाए गायब हो गए। इसी क्रम में, आज श्री तिवारी जी ने भारतीय किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ पासी जी के साथ मीडिया की उपस्थिति में रायबरेली, सलोन क्षेत्र का निरीक्षण किया। हमें ख़बर मिली थी कि यहाँ बड़ी संख्या में घुसपैठिये फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के साथ रह रहे हैं, लेकिन जैसे ही हम प्रशासन के साथ वहाँ पहुँचे, वह सब कुछ छोड़कर गायब हो चुके थे। यह अत्यंत गंभीर विषय है कि कौन इन देश-विरोधी तत्वों को संरक्षण दे रहा है और प्रशासन की कार्रवाई की ख़बर उन तक पहुँचा रहा है। श्री तिवारी जी ने इसे सुनियोजित साज़िश बताया है और संकल्प लिया है कि वे इस साज़िश की तह तक जाकर हर घुसपैठिया और उनके संरक्षकों को बेनकाब करेंगे।
