OPEC+ ने दिसंबर के लिए तेल उत्पादन लक्ष्य नहीं बदले
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फाइल फोटो: तेल कुएं का पंप। चित्र साभार: Greg Goebel / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0
सार: OPEC+ उत्पादन लक्ष्य दिसंबर 2026 के लिए नहीं बदले गए हैं। तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC के बयान के अनुसार सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को ऑनलाइन बैठक में दिसंबर में भी सितंबर 2026 जितना ही उत्पादन स्तर बनाए रखने का फैसला किया। इन देशों की अगली बैठक 29 नवंबर को होगी।
करीब 3.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन का लक्ष्य
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन सात देशों का संयुक्त उत्पादन लक्ष्य दिसंबर के लिए करीब 3.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन है, जो सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के बराबर है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सऊदी अरब (करीब 1.048 करोड़ बैरल प्रतिदिन) का है। इसके बाद रूस (करीब 99.5 लाख बैरल) और इराक (करीब 44.3 लाख बैरल) हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार युद्ध की वजह से ज्यादातर सदस्य देश अपने लक्ष्य से कम उत्पादन कर रहे हैं।
उत्पादन बढ़ाने की कोई समयसीमा नहीं
OPEC के बयान में सातों देशों ने ‘डिक्लेरेशन ऑफ कोऑपरेशन’ का पूरी तरह पालन करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में किसी अतिरिक्त बदलाव या उत्पादन बढ़ाने की समयसीमा का जिक्र नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार समूह ने 2023 की 16.5 लाख बैरल प्रतिदिन की स्वैच्छिक कटौती सितंबर तक पूरी तरह वापस ले ली थी। 2022 में तय 20 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती साल के अंत तक जारी रहेगी। समूह 2027 के कोटा तय करने के लिए सदस्यों की उत्पादन क्षमता की समीक्षा भी कर रहा है।
कच्चा तेल छह महीने के ऊंचे स्तर पर
रिपोर्ट्स के अनुसार शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 2.4% बढ़कर 117.64 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जो छह महीने का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी WTI क्रूड 104.12 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण फरवरी के अंत से होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है।
भारत के लिए क्यों अहम
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में उत्पादन लक्ष्य और कीमतों से जुड़े OPEC+ के फैसलों का असर देश के आयात बिल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



