प्रियांशु मोलिया का तिहरा शतक, 21 साल के बल्लेबाज ने बनाए नाबाद 321
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वडोदरा, 27 अक्टूबर 2026: रणजी ट्रॉफी 2026-27 के तीसरे दौर में बड़ौदा के युवा बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने ऐसी पारी खेली, जिसने घरेलू क्रिकेट में उनके नाम की गूंज बढ़ा दी है। गत चैंपियन जम्मू-कश्मीर के खिलाफ रिलायंस क्रिकेट ग्राउंड पर 21 वर्षीय मोलिया ने 492 गेंदों पर नाबाद 321 रन बनाए। उनकी पारी में 36 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी बदौलत बड़ौदा ने 169 ओवर में 616 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
63 पर 3 से 616 तक का सफर
टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी बड़ौदा की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम एक समय 63 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। यहां से मोलिया ने एक छोर संभाला और पूरे दो दिन क्रीज पर डटे रहे। पहले दिन का खेल खत्म होने तक वे 113 रन पर नाबाद थे। दूसरे दिन भी उन्होंने जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
सातवें विकेट के लिए मोलिया और महेश पिठिया ने 232 रन की बड़ी साझेदारी की। पिठिया ने भी 102 रन बनाकर शतक जमाया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक जम्मू-कश्मीर ने बिना विकेट खोए 6 रन बनाए थे।
रिकॉर्ड बुक में नाम
मोलिया 21 साल 132 दिन की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले सातवें सबसे युवा भारतीय बन गए हैं। वे बड़ौदा की ओर से 300 का आंकड़ा छूने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। उनकी पारी ने 1946-47 के फाइनल में होलकर के खिलाफ गुल मोहम्मद के 319 रन के स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया।
'सब 100 मारते हैं, कुछ बड़ा करना है'
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में मोलिया ने बताया कि उनके पिता की एक सीख हमेशा उनके साथ रहती है कि हर कोई शतक बनाता है, पहचान बनानी है तो बड़े रन बनाने होंगे। मोलिया का मानना है कि रेड बॉल क्रिकेट बड़े स्कोर और निरंतरता का खेल है। उन्होंने यह भी माना कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और हेड कोच ने उनसे जितना हो सके उतनी देर बल्लेबाजी करने को कहा था।
राजकोट से बड़ौदा तक का 'जुआ'
मूल रूप से राजकोट के रहने वाले मोलिया के पिता सुरेश छोटा कंस्ट्रक्शन कारोबार चलाते थे। बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए परिवार 11 साल की उम्र में उन्हें लेकर बड़ौदा आ गया। मोलिया ने मोहिंदर अमरनाथ क्रिकेट अकादमी में खेल सीखा। 13 साल की उम्र में अंडर-14 टूर्नामेंट में उन्होंने 319 गेंदों पर नाबाद 556 रन बनाए थे।
बड़ौदा के कोच आर. प्रसन्ना ने उनकी खेल की समझ और मेहनत की तारीफ करते हुए उनकी तुलना साई सुदर्शन से की है। मोलिया ने बताया कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजा।
पहले भी दिखा चुके हैं दम
मोलिया ने दिसंबर 2022 में 17 साल की उम्र में रणजी डेब्यू करते हुए ओडिशा के खिलाफ 118 रन बनाए थे। वे 2024 अंडर-19 विश्व कप में भारत के लिए खेले। इसी महीने बिहार के खिलाफ भी उन्होंने 132 रन की पारी खेली थी।
सार: वडोदरा में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ प्रियांशु मोलिया (321*, 492 गेंद) और महेश पिठिया (102) की 232 रन की साझेदारी से बड़ौदा ने 616 रन बनाए। मोलिया तिहरा शतक लगाने वाले सातवें सबसे युवा भारतीय बने; मैच अभी जारी है।



