इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज: सतीश करुणाकरण और साई-रुबन बने चैंपियन
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फाइल फोटो: बैडमिंटन रैकेट और शटलकॉक। चित्र साभार: Vladimir Maftei / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
सार: इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत के सतीश करुणाकरण ने पुरुष एकल और साई प्रतीक के.-रुबन कुमार की जोड़ी ने पुरुष युगल का खिताब जीता। बेंगलुरु में रविवार, 1 नवंबर 2026 को खेले गए फाइनल मुकाबलों में दोनों ने सीधे गेम में जीत दर्ज की। एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार टूर्नामेंट के कुल पांच खिताबों में से दो भारत के नाम रहे।
एकल फाइनल में हमवतन खिलाड़ी को हराया
पुरुष एकल के फाइनल में सतीश करुणाकरण का सामना भारत के ही तंकारा ज्ञान दत्त तलासिला से था। सतीश ने पहला गेम 21-9 से आसानी से जीता। दूसरे गेम में कड़ा मुकाबला हुआ, जिसे उन्होंने 23-21 से अपने नाम किया।
एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार यह इस साल सतीश का दूसरा BWF इंटरनेशनल चैलेंज खिताब है। इससे पहले वे स्लोवेनिया ओपन जीत चुके हैं।
युगल में मलेशियाई जोड़ी पर जीत
पुरुष युगल के फाइनल में साई प्रतीक के. और रुबन कुमार की भारतीय जोड़ी ने मलेशिया के लाउ यी शेंग और ली यी बो को 21-15, 21-19 से हराया।
तीन फाइनल में मिली हार
रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय खिलाड़ी तीन अन्य फाइनल में भी पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) की आधिकारिक साइट पर इस टूर्नामेंट का नाम ‘KBA डायमंड जुबली इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज 2026’ दर्ज है।
क्यों अहम है यह जीत
इंटरनेशनल चैलेंज स्तर के टूर्नामेंट से खिलाड़ियों को BWF विश्व रैंकिंग अंक मिलते हैं। ऐसे खिताब उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़े टूर्नामेंट में प्रवेश का रास्ता आसान करते हैं।
स्रोत: PTI/एजेंसियां व प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर NEWS INDIA 24×7 की मूल रिपोर्ट।



