भारत-श्रीलंका संबंधों में नया अध्याय: सांसद माया नारोलिया ने संसदीय समिति की बैठक में साझा किया ‘नया भारत’ का विजन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने हेतु देश की आधारभूत संरचनाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं। इसी क्रम में कल नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी के कमेटी रूम- ‘C’ में ‘आवासन और शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति’ की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने सक्रिय रूप से सम्मिलित होकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
माननीय सभापति श्री मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में श्रीलंका के ‘Oversight Committee on Infrastructure and Strategic Issues’ के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस दौरान दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे और रणनीतिक विषयों पर अनुभवों का गहन आदान-प्रदान हुआ। बैठक में विदेश मंत्रालय (MEA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उपस्थित रहकर महत्वपूर्ण ब्रीफिंग दी।
बैठक के दौरान सांसद माया नारोलिया ने देश में हो रहे ढांचागत सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत आज भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर शहरी विकास की नई परिभाषा लिख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा किए जा रहे सुधारों से न केवल आम जनमानस का जीवन सुगम हुआ है, बल्कि भारत वैश्विक पटल पर एक रोल मॉडल बनकर उभरा है।
सांसद नारोलिया ने चर्चा के दौरान केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उनके नेतृत्व में मंत्रालय शहरों के नियोजित विकास, स्मार्ट सिटी मिशन और ‘सबको आवास’ जैसे लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर रहा है। खट्टर जी के नीतिगत निर्णयों से भारत की आधारभूत संरचना में आधुनिकता और स्थायित्व का समावेश हुआ है।
इस बैठक में संवाद के माध्यम से भारत ने स्पष्ट किया कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ विकास की साझेदारी के लिए सदैव तत्पर है। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की प्रगति की सराहना की और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। अंत में, सांसद माया नारोलिया ने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी सरकार के ये निरंतर प्रयास ‘भविष्य के भारत निर्माण’ के संकल्प को निश्चित ही चरितार्थ करेंगे।

