संकट में अन्नदाता: राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने उठाई मध्य प्रदेश के ओलावृष्टि प्रभावित किसानों की आवाज”
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नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई अत्यधिक ओलावृष्टि, भारी वर्षा और तेज हवाओं के कारण किसानों की तैयार रबी फसलों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा आज राज्यसभा में गूंजा। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने ‘विशेष उल्लेख’ (Special Mention) के माध्यम से सदन और सरकार का ध्यान प्रदेश के गंभीर कृषि संकट की ओर आकर्षित किया।
सांसद नारोलिया ने सदन में बताया कि प्रदेश के लगभग 25 जिले, विशेष रूप से उज्जैन, धार, रतलाम और शाजापुर में गेहूं और अन्य रबी की फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “कटाई के इस चरम समय पर गेहूं की फसल गिरने और दानों के झड़ने से किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है।” फसल के साथ-साथ सिंचाई पाइप और भंडारण जैसी कृषि संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची है।
किसानों की चिंता साझा करते हुए श्रीमती नारोलिया ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और निम्नलिखित मुख्य सुझाव रखे:
• जिलावार क्षति का सटीक सर्वे कर रिपोर्ट पूर्ण करने की समय-सीमा तय की जाए।
• प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF के मानदंडों के अनुसार अतिरिक्त केंद्रीय सहायता प्रदान की जाए।
• ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत सरलीकृत दस्तावेजीकरण के साथ किसानों को समय पर मुआवजा सुनिश्चित हो।
• सरकारी केंद्रों पर फसल की गुणवत्ता के मानकों में थोड़ी ढील देते हुए सुचारू खरीद सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अंत में सरकार से विनम्रतापूर्वक आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में अन्नदाताओं को पारदर्शी और न्यायपूर्ण राहत पहुंचाने के लिए अविलंब कदम उठाए जाएं।
