बसंत पंचमी पर भारी विवाद: मालवी ब्राह्मण समाज के दो गुट भिड़े, चरण पादुकाओं से हुआ हमला
जिला व्यूरो कमल राव चव्हाण
बसंत पंचमी की पूजा को लेकर समाज के दो पक्षों में जमकर हुआ विवाद , चले लात घूसे
राधा कृष्ण विश्वकर्मा मंदिर में चल रहा है स्वामित्व का विवाद यहां लगभग 90 वर्षों से हो रही है बसंत पंचमी पर पूजा दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने महिला और बच्चों से भी की अभद्रता नर्मदापुरम।

शहर के कोरी घाट स्थित राधा कृष्ण विश्वकर्मा मंदिर में शुक्रवार को बसंत पंचमी की पूजा करने को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया और जमकर लात घुसे चले। पहला पक्ष श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज संगठन है वह बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा पाठ करने राधा कृष्णा विश्वकर्मा मंदिर पहुंचा था। यह संगठन यहां 90 सालों से बसंत पंचमी पर पूजा पाठ कर रहा है। दूसरा पक्ष इस बात से नाराज हुआ और पूजन पाठ रुकवा कर गाली गलौज करने लगे। दूसरे पक्ष के चार से पांच सदस्य ने श्री गौड़ ब्राह्मण मालवीय समाज संगठन के लोगों से विवाद किया और विवाद मारपीट में बदल गया। गौरतलब है कि श्री राधा कृष्णा विश्वकर्मा मंदिर सार्वजनिक न्यास के नाम से है और इसकी स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा है और मामला कोर्ट में है। शुक्रवार को यहां पर बसंत पंचमी की पूजा हुई तो दूसरा पक्ष ने श्री गौड़ ब्राह्मण मालवीय ब्राह्मण समाज संगठन की पूजा पाठ पर आपत्ति दर्ज कराते हुए विवाद उत्पन्न कर दिया।
कई सालों से हो रही पूजा
श्रीराधाकृष्ण विश्वकर्मा मंदिर में स्थानीय संगठन श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज संगठन नर्मदापुरम द्वारा आगामी 90 वें परंपरागत स्थानीय सामाजिक उत्सव बसन्त की पूजन पाठ कर रहा है। समाज के धार्मिक कार्यक्रमों को एक ही स्थान पर करने को लेकर उत्पन्न विवाद ने देखते ही देखते लिया हिंसक रूप ले लिया। वरिष्ठ समाजजनों ने बीच-बचाव किया । मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला थाने तक पहुंच गया लेकिन किसी ने केस दर्ज नहीं कराया।
हमारा आधिपत्य है और हम बरसों से पूजा कर रहे हैं- श्री मालवीय
श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन मालवीय ने बताया कि राधा कृष्णा विश्वकर्मा मंदिर सार्वजनिक न्यास में हमारा आधिपत्य है और हम 90 वर्षों से यहां पूजा पाठ कर रहे हैं । हमने इसकी परमिशन सिटी मजिस्ट्रेट से ली थी लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने आकर विवाद उत्पन्न कर दिया और संगठन के लोगों सहित महिलाओं और बच्चों पर भी अभद्रता की। चार-पांच लोग आए और उन्होंने गाली गलौज का मारपीट शुरू कर दी।
